रंजीतपुर अनाज मंडी में स्टेट में लगी धान की बोरियां
यमुनानगर। 75 करोड़ रुपये के धान घोटाले का मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। छापेमारी के दौरान जब्त धान की सुपुर्दारी को लेकर कोर्ट में दूसरे पक्ष की तरफ से कोई नहीं पहुंचा। व्यासपुर की कोर्ट मामले में सुनवाई के लिए 28 नवंबर की तारीख तय कर दी है। कोर्ट के आदेश के बाद तय होगा की जब्त धान किस राइस मिलर्स को भेजा जाएगा। धान घोटाले में बुधवार को सुनवाई होनी थी, चूंकि इसी सुनवाई के बाद ही आगामी दिशा में धान घोटाले की आगामी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होनी है।
जानकारी के अनुसार धान की फसल की खरीद बंद होने के करीब एक माह बाद भी मंडी में रखे गए धान को उठाने का कार्य किया जा रहा है। विभाग की ओर से आनन-फानन में रणजीतपुर अनाजमंडी के मैसर्ज जय श्री महाकाल ट्रैडर्स को 3661 धान के बाेरे के उठान करने का नोटिस जारी किया गया है, जबकि खरीफ की फसल के लिए रणजीतपुर मंडी में हैफेड की खरीद 28 अक्तूबर, वेयरहाउस की खरीद 23 अक्तूबर व डीएफएससी की खरीद 23 अक्तूबर को बंद हो गई थी। इसके तीन बाद तक मंडी धान से पूरी तरह से खाली हो चुकी थी। मंडी में धान की एक भी बोरी नहीं थी, तभी अचानक 11 नवंबर की रात को 12 से अधिक ट्रक में धान भर कर लाया गया था। ट्रक में जूट की बोरियों में भरकर लाया गया जिसको रात के अंधेरे में सही प्रकार से स्टेक लगाकर रखा गया था। मंडी में खरीद बंद होने के दस दिन बाद धान की बाेरियों को क्यों लाया गया यह सवाल भी खड़ा करता है। अगर धान किसानों का होता तो ट्रैक्टर व ट्राली के माध्यम से खुली ट्राली के रूप में भरकर लाया जाता। जबकि, धान को जूट की बाेरियों में भरकर ट्रक के माध्यम से लाया गया है। इस बोरियों में भरकर कर लाए गए धान को बोली के माध्यम से बेचने की तैयारी की जा रही थी। अगले दिन इस धान की बोली करवाने की योजना बनाई जा रही थी। उसी दिन प्रतापनगर में चार राइस मिलों में करोड़ों का धान घोटाला सामने आया। जिसके कारण मंडी में लाए गए धान की बोली नही करवाई गई। धान की हजारों बोरियां रणजीतपुर मंडी में तिरपाल के नीचे रखी हुई थी। धान घोटाला के बाद कोई भी राइस मिलर्स व आढ़ती मंडी में पड़ी धान पर अपना हक जताने के लिए नही आया है। कुछ दिन के बाद विभाग ने आनन फानन में रणजीत मंडी में एक आढ़ती के नाम नोटिस जारी कर उसे उठाने का आदेश जारी कर दिया है। विभाग के द्वारा मैसर्ज जय श्री महाकाल ट्रेडिंग कंपनी के नाम नोटिस जारी करके धान उठान के बारे में कहा गया है। पत्र निरीक्षक खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता रणजीतपुर की ओर से जारी किया गया है जिसमें लिखा गया है कि धान सीजन में धान की खरीद की गई थी। उसमें से 3661 धान के बैग का उठान होना बकाया है। ऐसे में निर्देश दिए जाते है कि एक दिन अंदर इन 3661 धान के बारे के उठान सुनिश्चित करवाया जाए।
सुपुर्दारी मामले में 28 नवंबर तारीख लगी है और रणजीतपुर वाले मामले में अभी पूरी जानकारी नहीं है। इसकी भी जांच की जा रही है।
-जतीन मित्तल, डीएफएससी, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग।