संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अनाज मंडियों में सोमवार को 11505 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। रविवार को छुट्टी होने से खरीद नहीं हो सकी थी। अभी तक मंडियों में 34562 एमटी धान खरीदा जा चुका है। मंडियों में सोमवार को 10737 गेट पास कटे और 51349 एमटी धान की आवक हुई। धान बेचने आए किसानों को अभी भी फसल बेचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेरी फसल-मेरा ब्योरा के डाटा का सत्यापन न होने ज्यादातर किसान मंडियों में धान बेच नहीं पा रहे हैं। इससे किसानों को काफी दिक्कत हो रही है। किसानों के धान की केवल रजिस्टर में एंट्री की जा रही है। सत्यापन होने के बाद ही धान की खरीद होगी। खरीद की रफ्तार धीमी होने से मंडियों में फड़ों पर धान सुखाने के लिए जगह नहीं बची है।
धान को फड़ के अलावा अनाज मंडियों की सड़कों पर भी सुखाया जा रहा है। धान का उठान न होने से मंडियां अब बोरियों से अटने लगी है। यदि जल्द ही उठान शुरू न हुआ तो किसानों की दिक्कत बढ़ सकती है। डीसी पार्थ गुप्ता ने बरसात के मौसम में जिला के किसानों की फसलों में हुए खराब एवं गिरदावरी में हुए मिसमैच को दुरुस्त करने के लिए गांव खदरी, बल्लेवाला व प्रतापनगर का दौरा किया।
उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसलों की गिरदावरी में हुए मिसमैच को दुरूस्त करें। डीसी ने बताया कि जिला में अधिक बरसात होने के कारण किसानों की फसलों में काफी नुकसान हुआ है। इसलिए किसानों द्वारा फसल मुआवजा के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से आवेदन किए गए थे। इस संबंध में कृषि विभाग व राजस्व विभाग द्वारा जांच-पड़ताल करने पर आवेदनों में मिसमैच पाया गया है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों की फसलों के आवेदन में हुए मिसमैच की त्रुटि को ठीक करें ताकि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न आए।