संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की 13 मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ रही है, लेकिन उठान शुरू नहीं होने से किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है। अब तक मंडियों में 70,085 मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है जबकि 23,610 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। इसके बावजूद किसी भी मंडी से धान का उठान शुरू नहीं हुआ है। जगह न मिलने से किसान सड़कों पर धान सूखा रहे हैं।
आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान मुनीष कांबोज ने बताया कि राइस मिलरों का अनुबंध पूरा नहीं होने के कारण उठान की प्रक्रिया अटकी हुई है। ऐसे में मंडियों में धान का ढेर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द उठान शुरू करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इसी बीच बारिश हो गई तो खुले में पड़ा धान भीग सकता है और इसका सबसे अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा। धान का उठान होने के बाद ही किसानों को भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। ऐसे में उठान नहीं होने का असर सीधे किसानों की जेब पर पड़ रहा है। वहीं, आढ़तियों को भी मंडियों में जगह की कमी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ रही आवक के कारण मंडियों में फड़ों पर धान रखने की जगह कम पड़ती जा रही है।
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पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं, किसान परेशान
मंडियों में बड़ी संख्या में ऐसे किसान भी पहुंच रहे हैं, जिनका पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं हुआ है। खासकर उन किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिनके धान का बैलेंस पोर्टल पर शून्य दिखाई दे रहा है। इस कारण उनकी फसल की खरीद प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। किसान मंडियों में पहुंचकर अपनी समस्या दूर कराने के लिए अधिकारियों और आढ़तियों के चक्कर काट रहे हैं। पोर्टल पर अभी भी सैकड़ों किसानों का डाटा सत्यापित नहीं हुआ है।
अनुबंध प्रक्रिया तेजी से कर रहे : सिंगला
डीएफएससी नितिश सिंगला ने बताया कि राइस मिलरों के अनुबंध की प्रक्रिया पूरी होने के बाद धान का उठान शुरू कराया जाएगा। अनुबंध जल्द ही पूरा हो जाएगा। विभाग की ओर से मंडियों में खरीद प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
जगाधरी अनाज मंडी में डिवाइडरों पर लगी धान से भरी बोरियां। संवाद- फोटो : File Photo