संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बारिश के कारण ट्विन सिटी में विभिन्न स्थानोें पर पर जलभराव हो गया। वहीं दूसरी और मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ी धान की बोरियां भीग गईं। आढ़तियाें ने इसका ठीकरा प्रशासन के सिर फोड़ा है। आढ़तियों के मुताबिक उठान न होने के कारण इस प्रकार की स्थिति बनी है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को बारिश होने की 62 प्रतिशत संभावना है।
जगाधरी अनाज मंडी के प्रधान मुनीष कांबोज ने बताया कि केवल 10 हजार बारदाना आया है, जबकि जरूरत इससे कई गुना है। उठान धीमा होने के कारण समस्या सामने आ रही है। उधर, पिछले सप्ताह भर से जिले में उमस भरी गर्मी पड़ रही थी। बारिश से राहत पाने के लिए लोग भी भगवान से प्रार्थना कर रहे थे।
बुधवार की रात को हुई भारी से एक तरफ जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं बारिश आफत बनकर आई। इससे सड़कों पर पानी तो जमा हो गया, वहीं कॉलोनी की गलियों में जलभराव हो गया। ऐसे में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही अधिकारियों के जलनिकासी के दावे भी पानी में बह गए। जिले भर में झमाझम बारिश होने से अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यहां ज्यादा आई दिक्कत
शहर के पानी निकासी की व्यवस्था सही न होने के कारण कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र, आईटीआई, ससौली, अमरपुरी, आत्मापुरी, कृष्णा नगर, गांधीनगर, चांदपुर, ममीदी, जोड़ियां, कैंप, महाराणा प्रताप चौक, बस स्टैंड, शहीद भगत सिंह चौक, रेलवे स्टेशन रोड, जमना गली, रेस्ट हाउस रोड, गोल्डनपुरी, सिटी सेंटर, दशमेश कॉलोनी, खालसा कॉलेज रोड, आजाद नगर की सभी गलियों, पतालपुरी, प्रह्लादपुरी, चिट्टा मंदिर, शांति कॉलोनी, तेजली, मॉडल टाउन, गोबिंदपुरी, प्रोफेसर काॅलोनी, दुर्गा गार्डन, मटका चौक, रेलवे रोड बाजार, सिविल लाइन, जगाधरी अंबाला हाईवे, बूड़िया गेट, जड़ौदा गेट, हनुमान गेट, देवी भवन बाजार, मुखर्जी पार्क, श्रीनगर कॉलोनी सहित तमाम क्षेत्रों में पानी जमा हो गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिले में 85 हजार हेक्टेयर में खड़ी फसल
इस बार जिले में 85 हजार हेक्टेयर में धान की फसल खड़ी है। धान मंडियों में पहुंचना शुरू हो गया है। सरकारी खरीद एक अक्तूबर से शुरू होनी है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में बारिश होने का पूरा अनुमान है। ऐसे में यदि बारिश हुई तो खेतों में पक कर तैयार खड़ी फसल को नुकसान पहुंचेगा। उधर, डीएफएससी जीतेश गोयल के अनुसार मंडियों में बारदाना आढ़तियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। धान के उठान के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। आढ़तियों व किसानों की समस्या दूर करने करने लिए व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है।