संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक शुरू हो गई है। वहीं शुक्रवार को मंडियों में न तो धान की तौलाई हुई और न ही ऑनलाइन गेटपास काटे गए। मंडी में आने वाली फसल की एंट्री के लिए गेट पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में किसानों और उनकी फसल से संबंधित जानकारी रजिस्टर में दर्ज कर रहे हैं।
मंडी गेट पर तैनात कर्मचारी किसान का नाम, गांव, लाई गई धान की मात्रा, संबंधित आढ़ती का नाम और दुकान नंबर रजिस्टर में नोट कर रहे हैं। फिलहाल इसी प्रक्रिया के जरिए मंडियों में पहुंच रही धान का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि सोमवार से खरीद प्रक्रिया शुरू होने के साथ ऑनलाइन गेट पास काटने का काम भी शुरू हो जाएगा।
जिले की विभिन्न मंडियों में अब तक करीब 25 से 30 हजार क्विंटल धान पहुंच चुका है। इनमें 1509 किस्म की धान की आवक फिलहाल कम है। कम आवक के बीच 1509 धान का भाव भी बढ़ा है। मंडियों में इसका रेट करीब 3750 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 4000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। वहीं परमल धान को सुखा कर धान को बोरियों में भरकर आढ़तियों के पास ही रखा जा रहा है।
गांव मंडेबरी के किसान गुरमुख सिंह ने बताया कि वह करीब 25 क्विंटल धान लेकर मंडी में पहुंचा था। उसकी धान में नमी की मात्रा 24 प्रतिशत बताई गई, जिसके कारण खरीद नहीं हुई। उन्होंने कहा कि फसल लेकर मंडी में आने के बाद भी खरीद नहीं होने से परेशानी हो रही है। फसल की निगरानी कौन करेगा, यह भी चिंता का विषय है।
गांव मंडेबर के किसान जरनैल सिंह ने बताया कि वह करीब 125 क्विंटल धान लेकर मंडी में आया है। यहां फसल की सुध लेने वाला कोई नहीं है। धान को सड़क पर ही डालना पड़ा, जिसे अब सुखाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों को ज्यादा इंतजार न करवाया जाए और मंडियों में धान की खरीद जल्द शुरू की जाए।
भुगतान न होने पर राइस मिलरों ने एग्रीमेंट से खींचे हाथ
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खरीद एजेंसियों के साथ एग्रीमेंट को लेकर राइस मिलरों ने फिलहाल कदम पीछे खींच लिए हैं। राइस मिलरों ने निर्णय लिया है कि जब तक एजेंसियों की ओर से लंबित भुगतान नहीं किया जाता, तब तक कोई मिलर एग्रीमेंट नहीं करेगा। इससे धान खरीद और मिलिंग की आगामी प्रक्रिया पर भी असर पड़ने की संभावना है।
तीन दिन पहले उपायुक्त ने राइस मिलरों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं पर चर्चा की थी। बैठक में डीसी की ओर से शुक्रवार को तीन बजे तक खरीद एजेंसियों के स्तर पर किए जाने वाले भुगतान का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद शुक्रवार तक मिलरों को कोई भुगतान नहीं मिला। राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान मनीष बंसल ने बताया कि भुगतान नहीं होने के कारण मिलरों में रोष है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई भी राइस मिलर खरीद एजेंसियों के साथ एग्रीमेंट नहीं करेगा। भुगतान होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।
राइस मिलरों का बकाया भुगतान करने की प्रकिया चल रही है। मंडियों में भी खरीद की तैयारियां पूरी हो चुकी है। गेट पास काटने के लिए कर्मचारी नियुक्त कर दिए हैं। जल्द ही तौलाई शुरू हो जाएगी। - नितिश सिंगला, डीएफएससी, यमुनानगर।
अनाज मंडी जगाधरी में धान लेकर आए किसान की ट्रैक्टर के साथ फोटो खींचता कर्मचारी। संवाद