संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अनाज मंडियों में अब धान की आवक धीरे-धीरे कम हो रही है। इससे मंडियां अब खाली होने लगी हैं। धान तो आ रहा है, लेकिन उतना नहीं जितना एक सप्ताह पहले तक आ रहा था। वहीं उठान ने भी जोर पकड़ा है। 86.66 प्रतिशत धान का उठान हो चुका है। यही वजह है कि किसान जो धान लेकर आ रहे हैं उसकी खरीद भी जल्दी होने लगी है।
जिला की सभी 13 मंडियों में अभी तक 98,137 गेट पास कट चुके हैं और 5,36,010 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 5,15,316 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। इस अवधि में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 2,39,013 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 1,83,482 मीट्रिक टन, हरियाणा भंडारण निगम द्वारा 92,821 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। मंडियों से 4,46,578 एमटी धान का उठान हो चुका है जो कि 86.66 प्रतिशत है। 68,738 एमटी धान अभी मंडियों में उठान के लिए पड़ा है। वहीं दिवाली से पहले किसानों के खातों में 1,119 करोड़ रुपये की पेमेंट की जा चुकी है।
डीसी पार्थ गुप्ता ने बताया कि व्यासपुर अनाज मंडी में 46,178 मीट्रिक टन, छछरौली अनाज मंडी में 63,949 मीट्रिक टन, गुमथला राव अनाज मंडी में 8,265 मीट्रिक टन, जगाधरी अनाज मंडी में 73,725 मीट्रिक टन, जठलाना अनाज मंडी में 2,973 मीट्रिक टन, खारवन अनाज मंडी में 4,317 मीट्रिक टन, प्रतापनगर अनाज मंडी में 90,321 मीट्रिक टन, सरस्वतीनगर अनाज मंडी में 97,751 मीट्रिक टन, रादौर अनाज मंडी में 52,177 मीट्रिक टन, रणजीतपुर अनाज मंडी में 39,058 मीट्रिक टन, रसूलपुर मंडी में 9,727 मीट्रिक टन, साढौरा अनाज मंडी में 26,429 मीट्रिक टन, यमुनानगर अनाज मंडी में 446 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है।
जगाधरी अनाज मंडी में धान की सफाई करते मजदूर। संवाद