यमुनानगर। नगर निगम क्षेत्र में लाल डोरा व आबादी देह में स्थित संपत्तियों पर पिछले दस वर्षों से काबिज संपत्ति धारकों को अब उनका मालिकाना हक दिया जाएगा। इसके लिए संपत्ति धारकों को निर्धारित दस्तावेज नगर निगम कार्यालय में जमा कराने होंगे। दस्तावेजों की जांच के बाद नगर निगम की ओर से संपत्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे, जिससे संबंधित व्यक्ति विधिवत रूप से संपत्ति का मालिक माना जाएगा और उसका उपयोग कर सकेगा।
लाल डोरा व आबादी देह की संपत्तियों को मालिकाना हक दिलाने और संपत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से नगर निगम यमुनानगर के आयुक्त महाबीर प्रसाद ने अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन संपत्ति धारकों के दस्तावेज पूरे और सही पाए जाएं, उन्हें बिना देरी किए संपत्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। इससे वर्षों से काबिज लोगों को राहत मिलेगी और वे अपनी संपत्ति का सही तरीके से उपयोग कर सकेंगे।
आयुक्त ने निगम अधिकारियों को अपने-अपने वार्डों में बैठकें करने, मुनादी कराने और मोबाइल संदेशों के माध्यम से लोगों को इस योजना की जानकारी देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रत्येक वार्ड में संपत्ति धारकों की सूची सार्वजनिक करने को कहा गया, ताकि पात्र लोग समय रहते अपने दस्तावेज जमा करा सकें। निगम अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित रखी जाए, जिससे किसी को अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें।
बैठक में कार्यकारी अभियंता विकास धीमान, सहायक नगर योजनाकार दर्शन लाल, सहायक अभियंता मृणाल जायसवाल, सहायक अभियंता मुनेश्वर भारद्वाज, सहायक अभियंता सुरेंद्र दहिया, सहायक अभियंता राजेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र लोगों को जल्द से जल्द संपत्ति प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से लाल डोरा व आबादी देह क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवारों को लाभ मिलेगा। वर्षों से मालिकाना हक के अभाव में लोग न तो अपनी संपत्ति पर ऋण ले पा रहे थे और न ही किसी कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर पा रहे थे। संपत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद वे बैंकिंग, निर्माण और अन्य आवश्यक कार्यों को आसानी से कर सकेंगे।
संपत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज:
आबादी देह व लाल डोरा में स्थित संपत्तियों के लिए राजस्व विभाग द्वारा सत्यापित आबादी व लाल डोरा का शपथ पत्र, पिछले दस साल का बिजली या पानी का बिल, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, जीएसटी सर्टिफिकेट, कब्जा प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद, निर्माणाधीन नक्शा प्रमाण पत्र में से कोई दो दस्तावेज आवश्यक होंगे। इसके अतिरिक्त सेल डीड, कन्वेयन्स डीड, रिलीज डीड, जमाबंदी, फर्द, सत्यापित डिक्री, रजिस्ट्री या वारसान रिपोर्ट भी मान्य दस्तावेजों में शामिल हैं।