यमुनानगर। नेशनल हाईवे 344 पर सुखपुरा गांव के पास पकड़े बीयर से भरे ट्रक के मामले की जांच बीच में रुकी हुई है। चार दिन से पुलिस पकड़ी बीयर के मालिकों के इंतजार में है। उनके न आने से इस मामले की जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। बीयर मालिकों के आने पर पुलिस पकड़ी गई बीयर के दस्तावेजों की जांच करेगी। हालांकि बीयर मालिकों के न आने से फर्जीवाड़े की आशंका और गहरा गई है। क्योंकि एक परमिट पर दो बार शराब सप्लाई का पहले भी एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ चुका है। जिसमें शराब फैक्ट्री व अंबाला आबकारी विभाग के कई अधिकारी फंस चुके हैं।
बता दें कि सदर थाना पुलिस व आबकारी विभाग ने नेशनल हाईवे-344 पर सुखपुरा गांव के पास बीयर की 1550 पेटियों व 5400 कैद से लदा ट्रक पकड़ा था। ट्रांजिट स्लिप व परमिट के अनुसार ट्रक में जम्मू से बीयर लेकर झारखंड जा रहा था। जांच में सामने आया कि ट्रक ई-रवाना के टाइम के हिसाब से अपने निर्धारित समय से 40 घंटे पहले यमुनानगर में पहुंच गया। जबकि इस समय हरियाणा में आचार संहिता लगी हुई है। एक्साइज पाॅलिसी में जिन राज्यों में चुनाव के चलते आचार संहिता लगी हुई है। वहां से शराब लेकर निकलने वाले वाहनों के लिए समय का नियम है। जहां से वाहन निकलता है। वहीं से उसका समय परमिट पर लिखा जाता है।
उस समय के हिसाब से ही रूट तय होता है। जिसमें निर्धारित समय के अंदर ही संबंधित राज्य व जिले में शराब लेकर आने वाला वाहन प्रवेश कर सकता है। जबकि बीयर की पेटियां लेकर आ रहा यह ट्रक 40 घंटे पहले ही यमुनानगर पहुंच गया। पुलिस का शक है कि एक परमिट पर दो बार बीयर की सप्लाई की जा रही है। शक के आधार पर ही ट्रक की जांच की। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने दस्तावेजों को चेक कर बताया कि दस्तावेज ठीक हैं, लेकिन समय के हिसाब से यह ट्रक 40 घंटे पहले यहां पहुंचा है। यदि ट्रक नहीं पकड़ा जाता तो यह समय से पहले ही उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर जाता। ऐसे में यह ट्रक उत्तर प्रदेश में बीयर को अनलोड कर दोबारा से भी सप्लाई लेकर आ सकता था। इसी शक में ट्रक को पुलिस ने कब्जे में लिया गया है। इस केस में आबकारी निरीक्षक मोहन सिंह राणा के बयान पर केस दर्ज किया हुआ है। सदर थाना प्रभारी केवल सिंह का कहना है कि बीयर के मालिकों के आने पर बीयर के दस्तावेजों की जांच होगी। जांच में यदि बीयर के सभी दस्तावेज नहीं मिले तो आगामी कार्रवाई की जाएगी।