संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। धान के सीजन में पराली के बंडलों को लेकर चलने वाले ओवरलोड वाहन लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। ये वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक बोझ लेकर चलते हैं। और उनकी चौड़ाई भी सामान्य वाहनों से अधिक होती है। उनके ऊपर रखे पराली के बंडल ठीक से बंधे नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
पिछले दिनों नगर से बाहर ऐसे ही एक ट्रैक्टर से पराली के बंडल गिरने के कारण पीछे चल रहे दो-तीन वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से बचे हैं। ये चालक न तो किसी वाहन को ओवरटेक करने देते हैं और न ही नियमों का पालन करते हैं। अधिकांश ट्रैक्टर कृषि उपयोग के नाम पर पंजीकृत होते हैं और कर में छूट का लाभ लेते हैं, लेकिन वास्तव में इनका इस्तेमाल व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा है। ओवरलोड वाहनों से संबंधित समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में रोष है। इस मामले पर वार्ड पार्षद विकास शर्मा, रामदास, मनीष कामरा मोंटी, श्रीराम और समाजसेवी संदीप सैनी, रोहताश सिसोदिया, बंटी सैनी, सुरेंदर, सुरेश, बलराज, रामपाल, सन्नी, विजय ने संयुक्त रूप से कहा कि ओवरलोड वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है।