साढौरा। कस्बा के अलावा अन्य गांवों से दिनरात निकल रहे ओवरलोड डंपर व ट्राले सड़कों पर सरपट दौड़ रहे हैं। ग्रामीण इन पर रोक लगाने के लिए कई बार पुलिस के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों को गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सिवाय आश्वासन के क्षेत्रवासियोंं को कुछ नहीं मिल पाया। ओवरलोड वाहनों की वजह से कस्बा के अलावा क्षेत्र के कई लोग काल का ग्रास बन चुके है। डंपरों के चालक नौसिखिया होने के अलावा अधिकतर चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग की है।
सरपट दौड़ रहे ओवरलोड डंपरों के बारे में विधायक रेनू बाला विधानसभा सत्र में कई बार मुद्दा उठा चुकी हैं। उसके बावजूद दिनरात ओवरलोडड डंपर व ट्राले क्षेत्र में धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। क्षेत्रवासियों सुभाष चंद, कुलविंद्र सिंह, जसपाल सिंह, जनकराज व किरणपाल का कहना है कि चालकों की लापरवाही से कई हादसे होने के अलावा सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। वास्तव में ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए पुलिस व प्रशासन को तेज रफ्तार व ओवरलोड डंपरों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। जिला परिषद के निवर्तमान उपाध्यक्ष अनिल संधू का कहना है कि राजनेताओं का सरंक्षण होने कारण ओवरलोड वाहनों पर रोक नहीं लग पा रही है। जिस कारण क्षेत्र में दिनरात ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं। ओवरलोड वाहन राहगीरों के लिए आफत बनने के अलावा सड़कों को भी क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। पुलिस कर्मचारियों की कमी का लाभ उठाते हुए खनन सामग्री से लदे डंपर अभी भी दिन के समय भी कच्चा किला से होते श्मशान घाट मार्ग से गुजर रहे हैं। दिन के समय इस मार्ग पर स्कूली बसों से बच्चों का आवागमन रहता है। कई अभिवावक तो इन तेज रफ्तार डंपरों के कारण अपने बच्चों को स्कूली बसों व वैन में छोड़ने के अलावा खुद छोड़ने पर मजबूर है। अभिवावकों का कहना है कि सर्द मौसम कोहरा पड़ने पर वह तेज रफ्तार डंपर किसी को भी काल का ग्रास बना सकते है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन को इन ओवरलोड वाहनों की जांच करके उचित कार्रवाई अमल में लानी चाहिए।