जिला उपभोक्ता आयोग में उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर जागरूक करते आयोग के पदाधिकारी। आयोग
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यमुनानगर। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार जब से आयोग बना है, तब से अब तक कुल 24,257 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 23,537 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। वहीं 15 मार्च 2026 तक 720 मामले लंबित बताए गए हैं। इसके अलावा 15 मार्च 2026 को हुई सुनवाई के दौरान 694 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से 540 मामलों में अंतरिम आदेश और 146 मामलों में पेंडेंसी दर्ज की गई।
वहीं, विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम की देखरेख आयोग के अध्यक्ष राजवीर सिंह ने की। इस मौके पर आयोग के सदस्य जसविंदर सिंह व सुमन राणा सहित कई अधिवक्ता और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सहायक रजिस्ट्रार नीरज वालिया ने उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ता संरक्षण कानून का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और उन्हें उचित न्याय दिलाना है। इस कानून के तहत उपभोक्ताओं को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए हैं। इनमें सुरक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, चुनने का अधिकार, शिकायत निवारण का अधिकार और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को किसी उत्पाद या सेवा में कमी, धोखाधड़ी या अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ता है तो वह उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर सकता है। आयोग ऐसे मामलों की सुनवाई कर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करता है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार की ठगी या खराब सेवा के खिलाफ आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं। संवाद