जिला सचिवालय में एसपी कमलदीप गोयल अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए। डीआईपीआरओ
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यमुनानगर। जिला प्रशासन ने घरेलू गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए निगरानी की व्यवस्था सख्त कर दी है। उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित टीम के तहत अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा और पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने सोमवार को जिला सचिवालय के सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिले में संचालित सभी गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी की जाए और घरेलू गैस का किसी भी प्रकार से व्यावसायिक उपयोग न होने दिया जाए। इसके लिए जिला स्तर पर आठ टीमें गठित की गई हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में गैस एजेंसियों की गतिविधियों और गैस सिलेंडरों की सप्लाई व्यवस्था पर नजर रखेंगी।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि पेट्रोलियम एजेंसियों के अनुसार जिले में घरेलू उपयोग के लिए रसोई गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए एजेंसियों पर जाने के बजाय मोबाइल फोन या ऑनलाइन माध्यम का उपयोग करें, ताकि गैस एजेंसियों पर भीड़ एकत्र न हो। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार अस्पतालों, छात्रावासों, शिक्षण संस्थानों और बेटियों की शादी जैसे आवश्यक कार्यों के लिए जरूरत के अनुसार काॅमर्शियल एलपीजी गैस की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए डीएफएससी और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के अधिकारी आपसी समन्वय से काॅमर्शियल एलपीजी का कम से कम 20 प्रतिशत स्टॉक उपलब्ध रखने की व्यवस्था करेंगे।
जिला खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक नितेश कुमार सिंगला ने लोगों से अफवाहों से बचने और धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि जमाखोरी रोकने के लिए शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद ही नए सिलेंडर की बुकिंग स्वीकार की जा रही है, जबकि बुकिंग के बाद 2 से 3 दिन के भीतर गैस की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए गैस डिलीवरी हेतु ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। उपभोक्ताओं को संबंधित गैस एजेंसी में जाकर अपनी ई-केवाईसी करवानी होगी, अन्यथा उनकी बुकिंग स्वीकार नहीं की जाएगी।