संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की 13 अनाज मंडियों में रविवार को अवकाश के चलते धान की खरीद बंद रही, लेकिन मंडियों में आवक जारी रही। खरीद बंद होने के कारण एजेंसियों और संबंधित कर्मचारियों का मुख्य जोर धान उठान पर रहा। एक दिन में मंडियों से 15 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान का उठान किया गया।
पिछले कुछ दिनों से उठान में आई तेजी के चलते किसानों और आढ़तियों ने राहत की सांस ली है। आंकड़ों के अनुसार, जिले की सभी मंडियों में अब तक 2,95,856 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 2,72,683 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।
वहीं खरीदे गए धान में से 2,09,699 मीट्रिक टन का उठान एजेंसियों की ओर से किया जा चुका है। मंडियों में लगातार उठान होने से खुले में रखे धान के ढेर कम करने में मदद मिली है। इससे किसानों और आढ़तियों को अपनी उपज रखने के लिए जगह मिली है।
अचानक मौसम बदला, बूंदाबांदी से मंडियों में मची खलबली
जिले में शनिवार देर रात अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज हवा चलने के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे अनाज मंडियों में हलचल मच गई। खुले में रखे धान को बारिश से बचाने के लिए मजदूर तुरंत तिरपाल लेकर पहुंच गए और धान के ढेरों को ढकने में जुट गए। मंडियों में धान की बड़ी मात्रा खुले में रखी होने के कारण किसानों और आढ़तियों को नुकसान की आशंका सताने लगी। हालांकि राहत की बात यह रही कि बूंदाबांदी कुछ मिनट तक ही हुई और तेज बारिश नहीं हुई। यदि बारिश तेज होती तो खुले में रखे धान के भीगने से नुकसान हो सकता था। मौसम में अचानक आए बदलाव ने मंडियों में धान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी।
मंडियों में धान का उठान तेजी से किया जा रहा है। अब सड़कें खाली होने लगी हैं। किसानों को धान सुखाने में कोई दिक्कत नहीं आ रही। जल्दी ही बचा हुआ धान भी उठवा दिया जाएगा। - मोहित बेरी, सचिव, मार्केट कमेटी जगाधरी।