संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बहरामपुर गांव में आंबेडकर भवन में पुस्तकालय खोले जाने का लोगों ने विरोध कर दिया। समाज के लोगों का आरोप है कि उनके पास कोई भी कार्यक्रम करने के लिए आंबेडकर भवन के अलावा दूसरी जगह नहीं है। स्कूल में जगह होने के बाद भी आंबेडकर भवन में जानबूझ कर पुस्तकालय खोला जा रहा है।
बहरामपुर गांव के उपकार सिंह, काका, रेखा, जगीरो, रिंकू, प्रवीन, महिपाल, अनिल, रणबीर, मंजीत, सपना, रीना, सोनिया, सतीश, रजवंत, राजेश, मोनिका, सरला, सपना रानी, पिंकी, मांगा राम, महिंद्रो देवी ने बताया कि गांव में आंबेडकर भवन को बनाने का गांव के ही कुछ लोगाें ने विरोध किया था। किसी तरह आंबेडकर भवन बन गया। अब विरोध करने वाले लोग ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पास करवा कर आंबेडकर भवन में लाइब्रेरी खोल रहे हैं।
लाइब्रेरी के लिए भवन में सामान, मेज, कुर्सी रखा जा चुका है। समाज के लोग इसका विरोध कर रहे हैँ। क्योंकि उन्हें आंबेडकर भवन में शादी समारोह के अलावा धार्मिक आयोजन व अन्य सुख-दुख के कार्यक्रम करने होते हैं। इस भवन के अलावा उनके पास कोई अन्य जगह नहीं है। यहां तक की गांव में गुरु रविदास जी का मंदिर भी नहीं है।
गांव में पांचवीं तक के स्कूल में पांच कमरे हैं और स्कूल में मात्र 19 विद्यार्थी ही पढाई कर रहें हैँ। जो विद्यार्थी स्कूल में हैं उनमें से भी कुछ दूसरे गांवों से आते हैं। स्कूल में जगह होने के बावजूद गांव के आंबेडकर भवन में लाइब्रेरी खोलना ठीक नहीं है। यदि इसमें लाइब्रेरी खुल जाएगी तो वह अपने कार्यक्रम कहां पर करेंगे।
दूसरा पक्ष नहीं चाहता कि अनुसूचित जाति के लोग आंबेडकर भवन में कोई काम कर सकें। उन्हें जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में गुरु रविदास मंदिर के लिए जो जगह है उस पर विरोध करने वालों ने अवैध कब्जा किया हुआ है। मंदिर न होने से उन्हें गुरु रविदास जन्मोत्सव पर गांव की गलियों में बैठ कर कार्यक्रम करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जब ड्रोन से गांव का सर्वे किया गया था तो गांव में रविदास मंदिर की जगह भी चिन्हित थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग कि है कि लाइब्रेरी को स्कूल में शिफ्ट किया जाए ताकि गांव के अन्य कार्यक्रम भी हो सकें। इसकी सूचना पाते ही समाज कल्याण बोर्ड की चेयरपर्सन मलिक रोजी आनंद भी मौके पर पहुंची और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। शुक्रवार को वह इस बारे में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा व डीसी से भी मिले थे।
जल्द ही लाइब्रेरी हटा लेंगे : मोहित
गांव के सरपंच मोहित ने बताया कि गांव में जो लाइब्रेरी बनाई जा रही है उसे कुछ समय के लिए खोला जाएगा। जल्द ही आंबेडकर भवन से लाइब्रेरी को हटा लिया जाएगा। यह मामला डीसी के संज्ञान में भी है, लेकिन गांव वाले अपनी बात पर अड़े हैं और लाइब्रेरी का विरोध कर रहे हैं।