व्यासपुर। हिमाचल प्रदेश के नाहन विधानसभा से विधायक अजय सोलंकी ने चार अक्तूबर को 16 करोड़ चार लाख रुपये की लागत से पांच किलोमीटर लंबी सड़क का भूमि पूजन कर निर्माण शुरू करवाया था। यह सड़क हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन से हरियाणा सीमा तक बनेगी, जिससे नाहन से आदिबद्री तीर्थ तक की दूरी लगभग 25 किलोमीटर कम हो जाएगी। क्षेत्र के लोगों ने हिमाचल सरकार की ओर से बनाई जा रही, इस सड़क का विरोध शुरू कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों और हिंदू संगठनों के लोग शुक्रवार को इस मामले में उपायुक्त पार्थ गुप्ता से मिले और एक शिकायत भी सौंपी। उनका आरोप है कि यह सड़क पवित्र सरस्वती नदी, आदिबद्री नारायण मंदिर और क्षेत्र के पुरातात्विक स्थलों को नुकसान पहुंचाएगी। वहीं हिमाचल के जिस गांव को यह सड़क आदिबद्री से जोड़ेगी वहां के विशेष समुदाय के लोग अक्सर गलत कामों में संलिप्त रहते हैं। ऐसे में इस सड़क को मंदिर परिसर से करीब एक किलोमीटर दूर बनाने की मांग रखी। ग्रामीणों ने अनुसार, डीसी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस सड़क के विरोध से यह प्रोजेक्ट लटक सकता है। डीसी को ज्ञापन देने पहुंचे स्थानीय निवासी सुल्तान सिंह गुर्जर ने कहा कि आदिबद्री केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक व पुरातात्विक महत्व का भी है। आदि बद्री को सरस्वती नदी का उद्गम स्थल माना जाता है, जहां आदि बद्री नारायण मंदिर, मंत्रा देवी मंदिर और प्राचीन बौद्ध स्तूप व मठ के अवशेष मौजूद हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क को मंदिर से कम से कम एक किलोमीटर दूर न बदला गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। वर्तमान में हिमाचल के यात्रियों हरियाणा के रूट से सफर तय करना पड़ता है, लेकिन यह नया मार्ग सीधा हिमाचल के अंदर ही आदि बद्री तक पहुंच प्रदान करेगा। इस मौके पर बजरंग दल से मनोज राठी, विश्व हिंदु परिषद से सुखबीर, धन तिवारी ओर प्रित्यांशु मौजूद रहे।
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डीसी पार्थ गुप्ता से मिलने पहुंचे आदिबद्री तीर्थ, संगठन व गांव काठगढ़ के लोग।संवाद