संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने के प्रस्ताव का हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने विरोध किया है। इसी कड़ी में मोर्चा ने जगाधरी विधायक को ज्ञापन सौंपा और विधानसभा में मामले को प्रमुखता से उठाने का आग्रह किया गया।
इसके अलावा मोर्चा ने इस मामले में हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के समक्ष विचाराधीन याचिका में जनहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। मोर्चा के पदाधिकारी राजेश कश्यप व मनदीप शर्मा ने बताया कि ज्ञापन में कहा गया कि गुरुग्राम और नूंह में ईडेन पावर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस लेने का प्रस्ताव दिया गया है।
संगठन के अनुसार कंपनी का गठन छह जून 2025 को हुआ था। कंपनी ने एचईसी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, एडवाइट एनर्जी ट्रांजिशंस लिमिटेड और विजन इंडिया सर्विसेज के साथ गठबंधन किया है।
मोर्चा ने कंपनी की वित्तीय क्षमता और बिजली वितरण के अनुभव पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनी ने करीब 4,717 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश का प्रस्ताव दिया है, जबकि उसकी चुकता पूंजी करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।
संगठन ने बिजली वितरण क्षेत्र में कंपनी के पर्याप्त अनुभव नहीं होने का भी दावा किया। लाइसेंस देने की सिफारिश करने वाली विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। रिपोर्ट को सार्वजनिक कर हितधारकों को सुनवाई का अवसर देने की मांग की गई है।