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Yamuna Nagar News: राजकीय पॉलीटेक्निक में दो नए कोर्स में हुए सिर्फ तीन दाखिले

Wed, 08 Jul 2026 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में दा​खिला लेने पहुंचे विद्यार्थी। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। चौधरी रणबीर सिंह राजकीय बहुतकनीकी संस्थान (पॉलीटेक्निक) हथिनीकुंड में शुगर टेक्नोलॉजी और एनवायरनमेंट इंजीनियरिंग कोर्स शुरू किए गए हैं। इसमें शुगर टेक्नोलॉजी में दो और एनवायरनमेंट इंजीनियरिंग में केवल एक विद्यार्थी ने दाखिला लिया है। दोनों ही कोर्स में 60-60 सीटें हैं। इसका सबसे बड़ा कारण लोगों को इसकी जानकारी न होना है।
तीसरे चरण की ऑफलाइन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसमें भी विद्यार्थी दोनों कोर्स के प्रति रुझान नहीं दिखा रहे हैं। प्राध्यापकों की ओर से विद्यार्थियों की इसकी विशेषताएं बताई जा रही हैं, लेकिन उस स्तर पर प्रतिक्रिया नहीं मिल पा रही है। हालांकि विद्यार्थी यह कोर्स अपनी पसंद में भर रहे हैं। वहीं विद्यार्थियों की प्राथमिकता पहले चल रहे कोर्स में है।
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पहले चरण की काउंसिलिंग पूरी होने के बाद भी विद्यार्थियों की रुचि शुगर टेक्नोलॉजी और एनवायरनमेंट इंजीनियरिंग में बेहद कम देखने को मिली है। शुगर टेक्नोलॉजी में केवल दो विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। एनवायरनमेंट इंजीनियरिंग में महज एक विद्यार्थी ने प्रवेश लिया है। इस तरह दोनों नए कोर्स में कुल तीन ही दाखिले हो पाए हैं।
तकनीकी शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी नए कोर्स को नियमित रूप से संचालित करने के लिए न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिले होना आवश्यक है। यदि निर्धारित संख्या में प्रवेश नहीं होते हैं, तो संबंधित कोर्स को बंद करना पड़ सकता है। वहीं, यह दोनों नए कोर्स हैं तो पहली बार के लिए 20 प्रतिशत का मानक रखा गया है। इसके अनुसार दोनों कोर्स में दस-दस सीटें भरनी जरूरी है। यदि ऑफलाइन चरणों में भी पर्याप्त संख्या में विद्यार्थी प्रवेश नहीं लेते हैं, तो इन दोनों कोर्स को बंद करना पड़ सकता है।
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चलाया जा रहा जागरूकता अभियान : नोडल अधिकारी
दाखिला समिति के नोडल अधिकारी दीपक मेहता ने बताया कि दोनों कोर्स रोजगार की दृष्टि से काफी उपयोगी हैं और भविष्य में इन क्षेत्रों में रोजगार की अच्छी संभावनाएं हैं। इसके बावजूद विद्यार्थियों और अभिभावकों में इन नए पाठ्यक्रमों के प्रति पर्याप्त जानकारी का अभाव दिखाई दे रहा है। इसी कारण संस्थान की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत संस्थान के शिक्षक और कर्मचारी आसपास के गांवों और कस्बों में जाकर विद्यार्थियों तथा अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। गांवों के सरपंचों से संपर्क कर जानकारी दी जा रही है। उन्हें तकनीकी शिक्षा के महत्व के साथ नए कोर्स की विशेषताओं और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी जा रही है। संस्थान का प्रयास है कि अधिक से अधिक विद्यार्थी इन पाठ्यक्रमों का लाभ उठाएं और सीटें भर सकें।
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