यमुनानगर। चेक बाउंस के मामले में अदालत ने जगाधरी निवासी विजय ग्रोवर को दोषी करार देते हुए एक साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को एक महीने के भीतर शिकायतकर्ता को छह लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। एक माह में मुआवजा अदा नहीं करने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतने के भी आदेश दिए गए हैं।
मॉडल टाउन निवासी मनीष मलिक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसने मैसर्ज मलिक फाइनेंस कंपनी बनाई हुई है। कंपनी की ओर से लोगों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। मार्च 2017 में जगाधरी निवासी विजय ग्रोवर उसके पास आया। तब उसने उससे व्यवसाय करने के लिए सवा तीन लाख रुपये का ऋण मांगा था। उन्होंने कंपनी के नियमों के अनुसार विजय ग्रोवर को सवा तीन लाख रुपये का ऋण उपलब्ध करवा दिया। विजय ने उन्हें तीन महीने के भीतर ब्याज समेत लिए ऋण लौटाने का वादा किया था, लेकिन ऋण वापस नहीं किया। ऋण पर ब्याज बढ़ता गया और ये राशि बढ़कर चार लाख रुपये पहुंच गई। इसके बाद भी आरोपी ने न तो ऋण को लौटाया और न ही ब्याज दिया। काफी दबाव डालने पर विजय ने मार्च 2018 में चार लाख का चेक उन्हें दिया। उन्होंने चेक को बैंक में जमा करवाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद उन्होंने उसके खिलाफ अप्रैल 2018 में एडवोकेट हरविंदर अनेजा के माध्यम से अदालत में मामला दायर कर दिया। मामले की सुनवाई के बाद जेएमआईसी डॉ. करुणा शर्मा की अदालत ने विजय को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।