यमुनानगर। एक माह पहले ज्वेलरी शोरूम में हुई डकैती की वारदात पुलिस के लिए पहेली बनी हुई है। एक माह बाद भी स्थिति ढाक के तीन पात की तरह ही है। अभी तक पुलिस न तो बदमाशों की पहचान कर पाई है और न ही कोई सुराग लगा पाई। उधर, बदमाशों की गोली से घायल कारोबारी की हालत में सुधार है। लेकिन, घटना का खुलासा न होने पर आक्रोश भी है।
बीते 25 नवंबर को जगाधरी ईएसआई अस्पताल के सामने बाइक सवार छह बदमाशों ने ज्वेलरी शोरूम में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। बदमाश करीब 13 लाख रुपये की नगदी और जेवर लूटकर ले गए थे। यही नहीं, विरोध करने पर सर्राफ शिव कुमार को भी गोली मार दी थी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद पूरे जिले में खलबली मच गई थी। एसपी ने खुद मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया था। साथ ही बदमाशों की तलाश के लिए चार टीमों का गठन किया था।
शुरूआत में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बदमाशों द्वारा घटना में प्रयुक्त दो बाइकों को यमुना नदी से बरामद कर लिया था। यह दोनों भाई पड़ोसी राज्य यूपी के सहारनपुर जिले से लूटी गई थी। इसके बाद पुलिस ने बदमाशों के गैंग को पहचान करने का प्रयास किया लेकिन, एक माह बीत जाने के बावजूद भी पुलिस अभी तक घटना का खुलासा नहीं कर पाई है।
कई बार पुलिस से हुई बात, नहीं चला पता
वारदात में घायल सर्राफ शिवकुमार के पिता इंद्रजीत ने बताया कि उन्होंने कई बार पुलिस से घटना के खुलासे के लिए बात की। हर बार पुलिस ने यही कहा कि जल्द खुलासा होगा। लेकिन, आज तक पुलिस ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। करीब एक सप्ताह पहले भी पुलिस दुकार पर आई थी और नक्शा तैयार कर ले गई थी। उधर, उन्होंने बताया कि घटना में घायल उनके बेटे की हालत में अब सुधार है लेकिन, प्लास्टर होने कारण अभी चल नहीं पा रहा है।
भमोरा। फाईल फोटो अंजली- फोटो : mathura