पश्चिमी यमुना नहर के किनारे तीर्थ नगर में कोर्ट के आदेश पर डेढ़ बीघा जमीन से कब्जा हटवाने गई प्रशासन की टीम पर लोगों ने पथराव कर दिया। गुस्साए लोगों ने दो जेसीबी मशीनों के शीशे तोड़ दिए और उनके आपरेटरों के साथ मारपीट की। पत्थर लगने से छप्पर थाने का एक एसपीओ घायल हो गया है। जबकि कई अन्य को मामूली चोट आई हैं। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर विरोध कर रहे लोगों को खदेड़ा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार छोटूराम की मौजूदगी में देर शाम तक प्रशासन ने चार पक्के मकान और एक दर्जन झुग्गियों को गिरा कर जमीन मालिक को कब्जा दिलवाया। पथराव करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ कंप्लेंट दी गई है।
लोगों ने किया हंगामा
दोपहर करीब डेढ़ बजे जमीन मालिक संजय आनंद ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार छोटूराम की अगुवाई में कानूनगो सतीश कुमार, यमुनानगर सदर थाना प्रभारी सुखविंद्र और पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मकानों को गिराने के लिए दो जेसीबी मशीन भी साथ थी। प्रशासनिक अमले को देखकर कब्जाधारियों ने विरोध शुरू कर दिया और जमकर हंगामा किया, लेकिन भारी संख्या में मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने उनकी एक नहीं चली। जेसीबी ने एक-एक करके मकान और झुग्गियों को तोड़ना शुरू कर दिया।
अंतिम समय में किया पथराव
प्रशासन की टीम जब पांचवें मकान को तोड़ने पहुंची तो लोगों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने प्रशासन की टीम और जेसीबी पर पथराव शुरू कर दिया। कुछ युवाओं ने जेसीबी आपरेटरों के साथ मारपीट भी की। पथराव में जसविंद्र नाम का पुलिसकर्मी जख्मी हो गया। अंधेरा होने की वजह से फोर्स वापस लौट गई। हालांकि जमीन मालिक को कब्जा मिल गया है।
पहले डाली झुग्गियां, फिर पक्के मकान बनाए
जमीन के मालिक शास्त्री कॉलोनी निवासी संजय आनंद ने बताया कि तीर्थ नगर में उनकी पांच एकड़ जमीन है। यहां डेढ़ से दो एकड़ जमीन पर झुग्गियां डालकर कुछ परिवार रह रहे थे। चार पांच साल पहले इन लोगों ने यहां पक्के मकान बनाने शुरू कर दिए। जब उन्हें रोका गया तो वे मारपीट करने लगे। जिस पर हमने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने इन लोगों को कोई बार सम्मन किया, लेकिन इन्होंने अनसुना कर दिया। एक साल पहले कोर्ट ने हमारे हक में फैसला सुनाया और अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए।
कोर्ट के आदेशानुसार जमीन मालिक को कब्जा दिलवाया गया है। कब्जाधारियों ने विरोध भी किया, लेकिन हमने अपनी कार्रवाई पूरी कर ली है।-छोटूराम, तहसीलदार
कुछ लोगों ने पथराव किया है। एक मुलाजिम को चोट आई हैं। मामले में कार्रवाई की जाएगी।-सुखविंद्र, सदर यमुनानगर थाना एसएचओ
इन्सर्ट
जमीन मालिक और अधिकारियों के सामने हाथ जोड़े, पैर पकड़े, लेकिन नहीं बचा पाए अपना घरौंदा
कई साल तक मेहनत की कमाई से घर बनाया, लेकिन पीले पंजे ने उनके सपनों के घर कुछ ही पल में मिट्टी में मिला दिए। छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर महिलाओं ने जमीन मालिक और अधिकारियों के सामने हाथ जोड़े, उनके पैर भी पकड़े, लेकिन लोग अपना आशियाना नहीं बचा पायें। प्रशासन की तोड़फोड़ कार्रवाई को रोकने के लिए तीर्थनगर कॉलोनी के गरीब लोगों ने पहले विरोध किया, लेकिन एक-एक कर पीले पंजे ने तमाम पक्के मकान और झुग्गियां तोड़ दी। इस कार्रवाई के बाद यहां रहने वाले लोग रोते बिलखते हुए नजर आएं।
विलाप करती रही महिलाएं
-जब अधिकारियों ने इन परिवारों की बात नहीं सुनी तो मकानों में रहने वाले परिवारों की महिलाओं ने विलाप करना शुरू कर दिया। कभी वे कानूनगो के पैर पकड़ती को कभी मकान मालिक के। उन्होंने एसएचओ और मीडियाकर्मियों के भी पैर पकड़े की वे उनका आशियाना बचाने में मदद करें।
काफी सालों से रह रहे हैं लोग
कॉलोनी निवासी टिंकू ने बताया कि उनके दादा परदादा यहां आएं थे। उस वक्त यहां खाली जमीन थी। करीब 70 साल से सभी परिवार यहां रह रहे हैं। ऐसे में इन लोगों ने जमीन अपने नाम कैसे करवाई हमें नहीं पता। उन्होंने बताया कि हम लोग जमीन के जायज कीमत भरने को तैयार भी हैं, लेकिन हम गरीब परिवारों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही।