यमुनानगर। जिले की 13 अनाज मंडियों में बुधवार से सरकारी गेहूं खरीद का कार्य शुरू हो गया। पहले ही दिन मंडियों में किसानों की आवाजाही देखने को मिली और कुल 332 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई। हालांकि खरीद प्रक्रिया की शुरुआत धीमी रही और पहले दिन करीब 50 क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो सकी। इसके साथ ही मंडियों में कुल 14 गेट पास जारी किए गए।
इस बार जिला प्रशासन और खरीद एजेंसियों ने गेहूं खरीद को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। वर्ष 2025-26 के सीजन के लिए 3,36,500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की 3,18,479 एमटी खरीद से अधिक है। गेहूं खरीद का जिम्मा हैफेड, डीएफएससी और हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन को सौंपा गया है, जो विभिन्न मंडियों में खरीद प्रक्रिया को संचालित करेंगी।
मंडी व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए इस बार कई नए नियम लागू किए गए हैं। मंडियों में आने वाले किसानों के लिए बायोमैट्रिक पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। यदि एक ही ट्रैक्टर-ट्रॉली में दो किसानों का गेहूं आता है, तो दोनों किसानों का बायोमैट्रिक किया जा रहा है। इसके अलावा ट्रैक्टर-ट्रालियों पर नंबर प्लेट लगाना भी जरूरी किया गया है, ताकि रिकॉर्ड में पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो।
जगाधरी अनाज मंडी में पहले दिन से ही किसानों की ट्रैक्टर-ट्रालियां पहुंचनी शुरू हो गईं। शाहपुर जटान से आए किसान तरसेम ने बताया कि वह करीब 40 क्विंटल गेहूं लेकर मंडी पहुंचे हैं और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि गेट पास आसानी से मिल गया।
मंडी सचिव विशाल गर्ग ने बताया कि गेहूं की आवक धीरे-धीरे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में इसमें तेजी आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मंडियों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, बायोमैट्रिक डिवाइस और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित होती रहे। संवाद
जगाधरी अनाज मंडी के कांटे पर तोलाई के लिए खड़ी ट्राली। संवाद
जगाधरी अनाज मंडी के कांटे पर तोलाई के लिए खड़ी ट्राली। संवाद