यमुनानगर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) साबापुर को अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनाने की घोषणा कई वर्ष पूर्व हुई थी। सालों से ये मामला सीएचसी को दी जाने वाली जमीन को लेकर अधिकारी आपस में उलझे हुए हैं।
ऐसे में सीएचसी निर्माण का मामला अधर में ही लटका हुआ है। जमीन का विवाद कब तक सुलझेगा फिलहाल इसे लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है। ग्राम पंचायत ने जमीन देने पर सहमति दी, लेकिन इसकी गिरदावरी किसी और के नाम होने से मामला फंसा गया। हालांकि लीज पर लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग को ऑफलाइन ट्रांसफर कराने का विकल्प दिया गया।
उस पर राजस्व विभाग में मामला लटका हुआ है। प्रदेश सरकार ने लगभग तीन वर्ष पहले साबापुर में सीएचसी बनाने की घोषणा की थी। सीएचसी के लिए जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू हुई। काफी जद्दोजहद के बाद ग्राम पंचायत से जमीन देने को लेकर स्वीकृति मिल गई। गांव में दो एकड़ पंचायती जमीन विभाग को देने पर सहमति दी। स्वास्थ्य विभाग ने इसका प्रस्ताव अधिकारियों को भेजा, लेकिन सीएचसी के लिए 1.10 एकड़ जमीन चाहिए। जिस वजह से अधिक जमीन बताकर इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। बाद में पंचायत से 1.10 एकड़ का दोबारा से प्रस्ताव भेजा गया। पंचायत विभाग की ओर से इस जमीन को ट्रांसफर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पास फाइल भेजी गई। जहां से अनुमति भी मिल गई थी।