शहर में नगर निगम व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की सड़कों पर जुलाई-अगस्त में तिरंगा लाइट लगीं। इस संबंध में आरटीआई में दिए जवाब से अफसर सवालों के घेरे में आ गए हैं। क्योंकि पहले 19 जुलाई को मीडिया को सूचना जारी की गई कि नगर निगम ने तिरंगा लाइट लगाने का कार्य शुरू कर दिया है और गोबिंदपुरी रोड पर यह लाइट लगा दी गई हैं। तब जल्द रेलवे, वर्कशॉप व अन्य रोड पर यह लाइट लगाने की बात कही गई थी। जबकि 17 अगस्त को लगी आरटीआई पर 24 अगस्त को दिए जवाब में कह दिया कि रेलवे स्टेशन चौक से जगाधरी महाराजा अग्रसेन चौक यह लाइट नगर निगम द्वारा नहीं लगाई गई। इस पर आरटीआई लगाने वाले राहुल भान ने एक सितंबर को पीडब्ल्यूडी में भी आरटीआई लगाई, जहां से भी नौ अक्तूबर को जवाब आया कि पीडब्ल्यूडी ने उक्त मार्ग पर लाइट नहीं लगाई। दोनों विभागों से मिले जवाब पर राहुल भान ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में सीएम फ्लाइंग से जांच कराने की मांग रखी। साथ ही दोनों में से जिस विभाग ने उक्त मार्ग पर तिरंगा लाइट के लिए पेमेंट की, उस पर गलत सूचना देकर गुमराह करने व तथ्य छिपाने पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
नगर निगम एक्सईएन विकास धीमान ने बताया कि तिरंगा लाइट नगर निगम द्वारा लगाई गईं। जिसके बारे में आरटीआई का जवाब 24 अगस्त को दिया गया था जबकि वर्क ऑर्डर 25 अक्तूबर को हुआ। इसलिए यह उलझन हुई है।
आरटीआई लगाने वाले राहुल भान ने कहा कि अगर लाइट लगी थीं, तभी उन्होंने आरटीआई में उनके बारे सवाल किए थे। पर अगर एक्सईएन यह कह रहे हैं कि 25 अक्तूबर को लाइट लगाने का वर्क ऑर्डर हुआ और आरटीआई में जवाब 24 अक्तूबर को दिया गया। तब भी सवाल है कि बिना वर्क ऑर्डर यह लाइट पहले कैसे लग रही थीं। क्योंकि मीडिया में 20 जुलाई को प्रकाशित समाचारों में भी यह दिया गया है कि नगर निगम की ओर से यह कार्य शुरू कर दिया गया है। राहुल भान ने आरोप लगाया कि आरटीआई में दिए गलत जवाब पर कार्रवाई हो सकती है, इसलिए अब अफसर बचाव में ऐसे तर्क तैयार कर रहे हैं।