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नर्स का कार्य सहनशीलता और प्रेमभाव का : डॉ. परमार

Tue, 14 May 2024 03:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रादौर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को अंतर राष्ट्रीय नर्सिंग डे पर कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एसएमओ डॉ. विजय परमार ने कहाकि स्टाफ नर्स का कार्य बहुत सहनशीलता, प्रेम भाव, श्रद्धा व लगन से भरा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह दिन मैडम फ्लोरेंस नाइटिंगेल की याद में बनाया जाता है, जिन्होंने अपना जीवन लोगों की भलाई व सेवा में लगा दिया। 12 मई 1820 को जन्मी फ्लोरेंस नाइटेंगल ने वर्ष 1851 में नर्सिंग कोर्स में दाखिला लिया। वर्ष 1853 में स्टाफ नर्स का कोर्स करने के बाद उन्होंने एक नारी समूह बनाया, जिसमें उन्होंने महिलाओं को चिकित्सा सुविधा देने का प्रशिक्षण दिया।
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वर्ष 1954 में क्रीमिया में हुए युद्ध में जहां के हालात बिल्कुल अच्छे नहीं थे। हजारों के संख्या में सैनिक मारे जा रहे थे, तब फ्लोरेंस नाइटिंगेल अपनी टीम के साथ वहां दिन-रात कार्य करती रही। उन्होंने मरीजों के जख्मों को साफ किए। घायल सैनिकों को सफाई करने में मदद की। रात को वह लैंप लेकर निकलती थी, ताकि उन्हें घायल सैनिकों के बारे में पता लग सके।
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उन घायल सैनिकों को शिविर में लाकर उनका इलाज किया। युद्ध खत्म होने के पश्चात उन्हें लेडी विद दा लैंप के नाम की उपाधि मिली। यह उपाधि उन्हें उन घायल सैनिकों ने दी, जो बाद में युद्ध से बचकर आ गए थे। मौके पर डॉ. पल्लवी मार्या, सुमित्रा, बाला, संगीता, रीना, दीपिका, परमजीत, मनीषा, काजल मौजूद रहे।
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