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Yamuna Nagar News: प्रचंड गर्मी के बीच अब डेंगू का खतरा, स्वास्थ्य विभाग सतर्क

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यमुनानगर। प्रचंड गर्मी के बीच डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। यमुनानगर, जगाधरी, ईएसआई व अन्य अस्पतालों में डेंगू वार्ड बनाकर 30 बेड की व्यवस्था कर मच्छरदानी लगा दी गई है। जिले में साल 2022 में 932 और पिछले साल 2023 में 734 डेंगू के केस पाए गए थे। इस साल डेंगू के अब तक दो केस सामने आ चुके हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग एक की मौत की पुष्टि भी कर चुका है। विभाग के अनुसार, 22 वर्षीय युवक पंचकूला में रहता था, जिसे वहीं पर डेंगू मच्छर ने काटा था, उसका इलाज भी पंचकूला में चल रहा था, युवक को डेंगू के अलावा अन्य और भी बीमारियां थीं। जबकि 56 वर्षीय व्यक्ति करनाल में रहता है जो वहीं बैंककर्मी है जिनका इलाज पंचकूला में चल रहा है और अब उनके स्वास्थ्य में सुधार बताया जा रहा है। दोनों ही केस मूलरूप से यमुनानगर के हैं।
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आंकड़ों के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग अब तक डेंगू को लेकर 2026 लोगों के खून के सैंपल ले चुका है। वहीं एक जनवरी से अब तक 41169 लोगों के मलेरिया की जांच के लिए भी सैंपल ले चुका है। गर्मी को देखते हुए लोगों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 507 तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा चुकी है। गंबूजिया मछली की खास बात है कि यह पानी में पैदा होने वाले मच्छर के लारवा को खा जाती है जिससे मच्छर पैदा नहीं होते। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जोकर लोगों के सैंपल ले रही है। ग्रामीणों के साथ बैठक कर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है कि घरों के आसपास पानी एकत्र न होने दें। यदि कहीं पर पानी एकत्र है, तो उसमें तेल डाल दें। जिससे लारवा न पनपे। घरों में कूलर, फ्रिज की ट्रे का पानी भी समय-समय पर बदलते रहें। अपने आस-पास साफ-सफाई का ध्यान रखें। मच्छरदानियों का प्रयोग करें। यदि बुखार है, तो नजदीकी अस्पताल में जाकर अपना उपचार कराएं।

डेंगू के जो दो मामले सामने आए हैं, इनमें 56 वर्षीय व्यक्ति करनाल का रहने वाला है, जबकि 22 वर्षीय युवक पंचकूला का रहने वाला था। दोनों काफी समय से यमुनानगर से बाहर रह रहे थे। जिस युवक की डेंगू से मृत्यु हुई है, उसे अन्य और भी बीमारियां थीं। दोनों की रिपोर्ट भी मार्च में हमारे पास आई थी। जिले में डेंगू को लेकर वार्ड बनाए जा चुके हैं और तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा चुकी है। जांच के लिए लोगों के खून के सैंपल भी लिए जा रहे हैं।
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-डॉ. सुशीला, जिला मलेरिया अधिकारी यमुनानगर।
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