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Yamuna Nagar News: अब एंड्राॅयड व स्मार्ट होगी शहर की ट्रैफिक लाइटें

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मोबाइल फोन की तरह अब शहर की ट्रैफिक लाइट भी एंड्रायड व स्मार्ट होगी। शहर में अभी पुरानी तकनीक की ट्रैफिक लाइट लगी हुई है। जबकि देश सहित प्रदेश के अन्य शहरों में बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए स्मार्ट एंड्रॉयड ट्रैफिक लाइट का प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में अब हमारे शहर की ट्रैफिक लाइट व्यवस्था हाईटेक होगी। शहर में 2जी (सेकेंड जनरेशन) की स्मार्ट एंड्रॉयड ट्रैफिक लाइट लगाने की योजना बनाई जा रही है। सोमवार को पटियाला की कंपनी ने यातायात पुलिस अधिकारियों को इसका डेमो दिया।
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पटियाला की सैनी को-इलेक्ट्रिकल कंपनी के इंजीनियर संजीव सैनी व ओमप्रकाश ने जगाधरी बस चौक पर यातायात पुलिस के एसआई नरेश कुमार, एसआई राम कुमार, एसआई मोहन लाल को इस अत्याधुनिक ट्रैफिक लाइट के काम करने के तरीकों के बारे में बताया। बता दें कि यह बेहद एडवांस तकनीक है, जिससे यातायात व्यवस्था को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकता है। इस एडवांस टेक्नॉलॉजी से शहर में बढ़ते यातायात को नियंत्रित करने व व्यवस्था दुरुस्त रखने में काफी सहायता मिलेगी।
फतेहाबाद, हिसार, सोनीपत में इसी तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं सिरसा शहर के चौराहों पर यह सिस्टम लगाया जा रहा है। वहीं अंबाला के छह चौराहों पर भी इसे लगाने का काम शुरू हो गया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही शहर का ट्रैफिक लाइट सिस्टम स्मार्ट व एंड्रायड होगा। इसे पुलिस कर्मचारी मोबाइल से भी ऑपरेट कर सकेंगे। यही नहीं यह ट्रैफिक लाइटें इंस्टॉल करने में किसी प्रकार की वायरिंग व अन्य काम करने की जरूरत नहीं है। वहीं इसकी मरम्मत भी बहुत कम है। इसके लिए केवल 12 वोल्ट की बिजली की आवश्यकता होगा, जो सोलर सिस्टम, बैटरी से भी दी जा सकती है।
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यह सेकेंड एंड्रायड जनरेशन ट्रैफिक लाइट सिस्टम बेहद एडवांस है। इसे सॉफ्टवेयर से कंट्रोल किया जाता है। वहीं ऐप से ऑपरेट कर सकते हैं। पहले जो तकनीक की लाइट लगती थी, जो 2.2 माइक्रो रेंज की थी। परंतु अब स्मार्ट एंड्रायड तकनीक में इसकी रेंज 5.2 माइक्रो है। यह सेटेलाइट से बेसड तकनीक है। जिसके लिए किसी प्रकार की तार इत्यादि बिछाने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा इसे सीसीटीवी से भी कनेक्ट किया जा सकता है। वहीं कैमरों से ही इसे चलाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त इसे इंटरनेट से जोड़ कर कंट्रोल रूम से भी ऑपरेट किया जा सकता है।

यह ट्रैफिक लाइट सिस्टम इतना एडवांस है कि इसे मोबाइल से ऑपरेट किया जा सकेगा। जिसका संचालन एंड्रॉयड पुलिस ऐप इंस्टॉल करनी होगी। इसकी तकनीक का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मोबाइल में इंटरनेट न होने के बावजूद इसे ऑपरेट किया जा सकता है। इसके लिए किसी प्रकार के ब्ल्यूटूथ सहित अन्य कनेक्टिंग की जरूरत नहीं होगी। यही नहीं इसे अन्य चौराहों की लाइट से भी जोड़ा जा सकता है। ऐप से ही ट्रैफिक टाइमिंग घटाई व बढ़ाई जा सकती है। जिससे चौराहों पर जाम नहीं लगेगा।

शहर में कई जगह नए ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाने हैं। यातायात पुलिस की ओर से सेकेंड जनरेशन एंड्रॉयड टेक्नोलॉजी सिस्टम की मांग है। इसके लिए नगर निगम को पत्र भेजा गया है। नई तकनीक बेहद सरल व शानदार है। इससे जाम की स्थिति से निजात मिलेगी और यातायात व्यवस्था दुरुस्त होगी।
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-प्रमोद कुमार, डीएसपी यातायात।
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