फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: मुफ्त का इलाज कराना मरीजों की जेब पर पड़ रहा भारी

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के पास दवाओं की कमी हो गई है। 15 दिन से अधिक हो गए मुकंद लाल जिला सिविल अस्पताल से लेकर सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी और सभी सीएचसी, पीएचसी में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को सभी दवाइयां नहीं मिल रही हैं। कई मरीज तो ऐसे हैं जिन्हें अस्पताल से एक भी दवाई नहीं मिल रही। मरीज बाजार से महंगे दामों पर दवाई खरीदने को मजबूर हो गए हैं। सरकारी अस्पताल में लोग आते तो मुफ्त उपचार के लिए हैं, लेकिन यहां का ट्रीटमेंट तो मरीजों को निजी अस्पताल से भी महंगा पड़ रहा है। सैकड़ों रुपये की दवाई बाजार में मेडिकल से खरीदने के लिए मरीजों व उनके तीमारदारों को जेब हल्की करनी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के पास करीब 354 प्रकार की दवाओं की कमी है। जिला अस्पताल में रोजाना 2500 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है।
विज्ञापन

कई दिनों से मरीज दवाई न मिलने से परेशान हैं। सीएचसी व पीएचसी में तो इससे भी ज्यादा बुरा हाल है। लोग सीएचसी व पीएचसी में दवाई नहीं मिलने के कारण जिला सिविल अस्पताल में आने लगे हैं। परंतु यहां आकर भी उन्हें सारी दवाई नहीं मिल रही। जबकि मरीज बस व ऑटो पर किराया तो खर्च कर ही रहे हैं, वहीं अपने साथ एक या दो परिजन को भी साथ लेकर आ रहे हैं। जिससे लोगों को अपना काम धंधा छोड़ना पड़ रहा है। दवाओं की कमी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मरीजों को एंटीबायटिक भी नहीं मिल रही। सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि दवाओं की कमी के बारे में मुख्यालय में अवगत कराया हुआ है।

शांति कॉलोनी के छोटे लाल ने बताया कि उसके कूल्हे की नस में दिक्कत है। जिस कारण दर्द रहता है और उठने- बैठने में दिक्कत है। दो सप्ताह से वह जिला अस्पताल में उपचार के लिए आ रहा है। गत सप्ताह भी उसने सारी दवाई बाजार में मेडिकल स्टोर से खरीदी थी। आज वह डॉक्टर से चेकअप के बाद नौ बजे लाइन में लग गया था। पौने घंटे में नंबर आया लेकिन सारी दवा नहीं मिली।
विज्ञापन


प्रेम नगर की गुंजन ने बताया कि उसकी बेटी के पेट में इंफेक्शन है। जबकि उसे स्क्नि में दिक्कत है। सोमवार को वह पति के साथ अपनी व बेटी की दवाई लेने आई थी। परंतु दोनों में से किसी की भी दवाई पूरी नहीं मिली। दवा सेंटर से कर्मचारी ने कहा है कि बाकी की दवा बाहर से ले लेना। अस्पताल में आए थे इसलिए की मुफ्त में उपचार हो जाएगा, इससे अच्छा तो बाहर से ही चेकअप करवा लेते।

तीर्थ नगर के दीपांशु यादव ने बताया कि उसे स्किन की दिक्कत है। वह अपने दोस्त के साथ सोमवार को जिला अस्पताल में डॉक्टर से चेकअप कराने आया था। चेकअप के बाद वह दवाई लेने के लिए लाइन में लग गया। पर्ची कटवाने से लेकर चेकअप व दवाई लेने में उसके दो घंटे लग गए, फिर भी दवाई नहीं मिली। डॉक्टर ने पर्ची में चार दवाइयां लिखी थी जिसमें से एक ही मिली और तीन बाहर से खरीदने को कहा।

गांव कोट के फुरकान ने बताया कि उसकी पत्नी शाहजहां का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। वह उसकी दवाई लेने के लिए अस्पताल में आया था। परंतु उसे चार में से केवल एक दवाई ही अस्पताल से मिली। बाकी की तीन दवाई के लिए बोला कि बाहर से खरीद लेना। अब पता नहीं मेडिकल स्टोर से दवाई कितने की मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें