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अब प्रॉपर्टी की यूनिक आईडी के आधार पर बनेगा टैक्स का बिल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। नगर निगम इलाके प्रत्येक प्रॉपर्टी की यूनिक आईडी बनाने के लिए निजी एजेंसी ने सर्वे कार्य पूरा कर लिया है। निगम यूनिक आईडी के आधार पर संपत्तिधारक को टैक्स का बिल भेजेगा। साथ ही निगम ने प्रॉपटी बेचने के लिए भी यूनिक आईडी को जरूरी बना दिया है।
सर्वे में नगर निगम इलाके में कुल 178795 प्रॉपर्टी की आईडी बनाई गई हैं। एजेंसी की ओर से असस्मेंट नोटिस बांटे जाने है। पहले चरण में सेक्टर 15, 17, 18 को चुना गया है और असस्मेंट नोटिस बांटने का कार्य मंगलवार से शुरू कर दिया गया है। इस असस्मेंट नोटिस में दी गई जानकारी में यदि कोई त्रुटि है या आपत्ति है तो प्रॉपर्टी मालिक इसके लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन अपनी आपत्ति दर्ज कर सकते है। आफलाइन आपत्ति दर्ज करने के लिए एजेंसी के कर्मी संबंधित वार्डों में एक स्थान चिह्नित कर बैठेंगे और लोगों की प्राप्त आपत्तियों को दूर करेंगे।
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एजेंसी की ओर से दो वर्ष पहले ड्रोन मैपिंग का काम पूरा किया जा चुका है। इसके बाद शहर का बेस मैप तैयार करने के लिए प्रॉपर्टी का ऑनलाइन सर्वे शुरू किया गया था। यह काम सरकार ने एक निजी कंपनी को दिया था। कंपनी के कर्मचारियों ने डोर टू डोर जाकर प्रॉपर्टी मालिकों से उनकी प्रॉपर्टी से संबंधित जानकारी ली। इसमें प्रॉपर्टी मालिक का नाम, आधार, मोबाइल नंबर, प्रॉपर्टी में कितने फ्लोर हैं, वह रिहायशी, व्यवसायिक व औद्योगिक में किस श्रेणी में है। ये सारी जानकारी मोबाइल सॉफ्टवेयर में फीड की गई।
ऑनलाइन और आफलाइन ऐसे दर्ज की जाएंगी आपत्तियां
नगर निगम आयुक्त अजय सिंह तोमर व उपायुक्त अशोक कुमार ने बताया कि नगर निगम एरिया में कुल 178795 प्रॉपर्टी आईडी बनी हैं। एजेंसी की ओर से अब इन्हें असस्मेंट नोटिस भेजे जाएंगे। इस नोटिस में प्रॉपर्टी के मालिक का नाम, आधार व मोबाइल नंबर, प्रॉपर्टी का एरिया, कैटेगरी लिखी हुई है। नोटिस में कोई जानकारी गलत है तो उसे ठीक करने के लिए प्रॉपर्टी मालिक आपत्ति दर्ज कर सकता है। नोटिस में फैमिली आईडी का कॉलम रिक्त छोड़ा गया है, जिसे प्रॉपर्टी मालिक की ओर से भरा जाना है। यह आपत्ति प्रॉपर्टी मालिक ऑनलाइन पीएमएस हरियाणा डॉट कॉम पर और ऑफलाइन के लिए एजेंसी द्वारा हर वार्ड में जाकर लोगों की आपत्तियां ली जाएगी।
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सर्वे में साढ़े 12 हजार नई आईडी बनीं
सर्वे से पहले नगर निगम क्षेत्र में लगभग 1.66 लाख प्रॉपर्टी आईडी बनी थी। 1.66 लाख पुरानी प्रॉपर्टी आईडी समेत सर्वे में कुल 178795 आईडी बनाई गई है। सर्वे में लगभग साढ़े 12 हजार नई आईडी बनाई गई है। एजेंसी की ओर से असेस्मेंट नोटिस की सभी आपत्तियों का निपटान करने के बाद सर्वे फाइनल करके नगर निगम को सौंपा जाएगा। फाइनल सर्वे एक अप्रैल 2022 (2022-23) से लागू होगा। 31 मार्च 2022 तक कोई बकाया पाया जाता है तो वह वर्ष 2022-23 के बिल में दर्ज कर दिया जाएगा।
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