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Yamuna Nagar News: अब माॅडल पेपर के सहारे सुधारेंगे परीक्षा परिणाम

Sun, 12 Jan 2025 04:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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अभय सिंह
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जगाधरी। बोर्ड कक्षाओं का वार्षिक परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। इसके लिए विभाग ने रणनीति बनाई है। विद्यार्थियों को विभाग की ओर से विशेष तैयारी करवाई जाएगी। इसके लिए पिछले पांच साल के बोर्ड प्रश्नपत्रों से मॉडल टेस्ट पेपर तैयार करवाए जा रहे हैं। विभाग ने माॅडल टेस्ट पेपर तैयार करने के लिए संबंधित विषयों के प्राध्यापकों की ड्यूटी लगाई है।
यह माॅडल टेस्ट पेपर तैयार कर जिले के सभी स्कूलों में दिए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी करवाई जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा का पैट्रर्न समझाने व प्रश्नपत्र हल करने के लिए निपुण बनाना है।
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अधिकारियों का मनाना है कि इससे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रश्न हल करने की प्रवृति में तेजी आएगी। इन सभी का सीधा असर विद्यार्थियों की प्रगति व परिणाम पर पड़ता है। शीतकालीन अवकाश के बाद विद्यार्थियों को मॉडल टेस्ट पेपर से बोर्ड परीक्षा की तैयारी करवाई जाएगी। पिछले साल 10वीं व 12वीं में सरकारी स्कूलों का परिणाम बेहद शानदार रहा है। इस दौरान दसवीं में 95 और 12वीं में 92 प्रतिशत विद्यार्थी बेहतरीन अंकों से उतीर्ण रहे। ऐसे में विभाग इस परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर रहा है।
विभाग ने परिणाम में सुधार के लिए पिछले साल के परीक्षा परिणाम की समीक्षा की है। इस दौरान विषय अनुसार परिणाम की समीक्षा कर मॉडल टेस्ट पेपर तैयार किए जा रहे हैं। सत्र 2022-23 में जो विद्यार्थी दसवीं में थे वे इस बार 12वीं की परीक्षा देंगे। ऐसे में विभाग ने उनकी दसवीं के परिणाम की समीक्षा की। इस दौरान जिस विषय में विद्यार्थियों के अंक कम रहे या कंपार्टमेंट ज्यादा थी उन्हें प्राथमिकता से लिया गया है।
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उन विषयों पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है ताकि 10वीं के जिन विषयों में विद्यार्थी के अंक कम आए थे, 12वीं में उनमें उनका प्रदर्शन सुधर सके। वहीं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए भी इसी तरह का पैट्रर्न देखा गया है। जिस विषयों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन तुलनात्मक कम है, उन पर ज्यादा काम करने की योजना बनाई गई है। इस दौरान पाया गया कि बॉयो, केमिस्ट्री, गणित व अंग्रेजी में विद्यार्थियों के औसतन अंक 48 से 63 फीसदी रहे। इन विषयों पर विद्यार्थियों को तैयार किया जाएगा। संवाद

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