संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने नई पहल शुरू करने जा रहा है। अब शहर के प्रत्येक घर की दीवार पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टैग लगाया जाएगा।
इसके माध्यम से यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि नगर निगम का कूड़ा उठाने वाला वाहन किस घर तक पहुंचा और किन घरों में सेवा नहीं दी गई। निगम का मानना है कि इससे सफाई व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और लोगों की शिकायतों का भी त्वरित समाधान हो सकेगा।
नगर निगम शहर से प्रतिदिन करीब 250 से 280 मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र करता है। इसके लिए एजेंसी के वाहन रोजाना घर-घर जाकर कचरा उठाते हैं। इस व्यवस्था पर निगम हर वर्ष करीब 18 से 20 करोड़ रुपये खर्च करता है। इतने बड़े खर्च के बावजूद कई क्षेत्रों से समय पर कूड़ा नहीं उठने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था से शिकायतों पर काफी हद तक अंकुश लगने की उम्मीद है।
अभी तक निगम की ओर से प्रत्येक गली के केवल पहले और आखिरी घर पर ही आरएफआईडी टैग लगाए गए थे। जब कूड़ा उठाने वाला वाहन गली से गुजरता था तो वाहन में लगा स्कैनर इन टैग को स्कैन कर लेता था। इससे यह जानकारी मिल जाती थी कि वाहन गली के अंतिम छोर तक पहुंचा या नहीं।
हालांकि इससे यह पता नहीं चल पाता था कि बीच के सभी घरों से वास्तव में कूड़ा उठाया गया या नहीं। अब प्रत्येक घर पर अलग-अलग आरएफआईडी लगाने से हर मकान की अलग पहचान होगी। वाहन जैसे ही किसी घर के सामने से गुजरेगा, टैग स्वतः स्कैन हो जाएगा और उसकी जानकारी ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएगी।
इससे निगम यह निगरानी कर सकेगा कि वाहन किन-किन घरों तक पहुंचा और यदि किसी घर की एंट्री नहीं हुई तो उसके कारणों की भी जांच की जा सकेगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार गली के पहले और आखिरी घर पर आरएफआईडी लगाने का प्रयोग पूरी तरह सफल रहा था। इसे ऑनलाइन पोर्टल से भी जोड़ा गया है, जहां नागरिक स्वयं कूड़ा उठाने वाले वाहनों की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। वाहनों में लगे जीपीएस सिस्टम के कारण उनकी लाइव लोकेशन भी पोर्टल पर दिखाई देती है।
अब हर घर पर आरएफआईडी लगाने से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। आने वाले दिनाें में शहर में कूड़ा उठाने और इसके निस्तारण के लिए बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं। - सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।