संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा (यमुनानगर)। खंड प्रतापनगर के बाद अब साढौरा के खेतों में तेंदुआ दिखाई दिया। खंड साढौरा रत्तुवाला, रतौली व फाजलपुर गांव के खेतों में पिछले दस दिन से तेंदुआ की हलचल देखी गई है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। भय के चलते ग्रामीणों ने खेतों में जाना छोड़ दिया है।
तेंदुआ की हलचल के बारे में वन्य प्राणी विभाग को अवगत करा दिया गया, कर्मियों ने तलाश भी की किंतु तेंदुआ का कुछ पता नहीं चल पाया। वहीं तेंदुए की दहशत के कारण ग्रामीणों ने खेतों में जाने से परहेज करने लगे हैं। लोगों ने अपने पशुओं को बाहर बांधने की बजाय घरों में ही कैद कर दिया है। रत्तुवाला गांव के विरेंद्र ने बताया कि 22 जुलाई को उन्होंने अपने खेत में तेंदुआ देखा था। जब तक उन्होंने ग्रामीणों को बुलाया तब तक तेंदुआ गन्ने के खेत में ओझल हो गया।
इसी तरह फाजलपुर के भीम व रतौली के गुली सहित कई अन्य ग्रामीणों को भी यह तेंदुआ नजर आ चुका है। विरेंद्र ने बताया कि पिछले साल तेंदुए ने उनके बछड़े का शिकार कर लिया था। आबादी से महज थोड़ी दूर पर खेतों में तेंदुआ की हलचल से भयभीत ग्रामीणों ने इस बारे में वन्य प्राणी विभाग को सूचित किया है।
प्रतापनगर के इन गांवों में दिख चुका तेंदुआ
खंड प्रतापनगर में भी पिछले 15 दिनों से एक तेंदुआ दिखाई दे रहा है। यहां तेंदुआ प्रतापनगर के मुजाफ्त कलां से चूहड़पुर कलां के रास्ते पर देखा गया। पिछले तीन दिनों से यह तेंदुआ देवधर, डांडीपुर के खेतों में दिखाई दे रहा है। किसान अपने खेतों में जाने से घबरा रहे हैं। क्षेत्र के सौरभ सैनी, सौरभ पंडित, अंकुश सैनी मुजाफत कलां व जयसिंह ने बताया कि बुधवार को देवधर से सैनी माजरा डांडीपुर होते हुए देवधर के नजदीक डांडीपुर के रास्ते पर सुबह तेंदुआ देखा गया।