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Yamuna Nagar News: स्कूलों, अस्पतालों में पर्याप्त नहीं पुख्ता इंतजाम, सर्वे में खुली पोल

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- जिले में 350 निजी स्कूल व 100 से अधिक अस्पताल
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- आग के पुख्ता इंतजाम न करने वालों को थमाए नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी और निजी अस्पतालों में मरीज आग जैसी घटनाओं से सुरक्षित नहीं है। इनमें अग्निकांड से निपटने के लिए सुरक्षा के इंतजाम अपर्याप्त हैं। स्कूल व अस्पताल संचालक इनकी जिंदगियों से खिलवाड़ करने से कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
जिला दमकल विभाग की तरफ से जिले के सभी निजी स्कूलों व अस्पतालों का सर्वे किया गया। स्कूलों की छुट्टियां होने के कारण फिलहाल कुछ स्कूलों का सर्वे होना बाकी है। जिन स्कूलों व अस्पतालों का सर्वे हो चुका है उनमें जांच के दौरान बड़ी खामियां मिली हैं। दमकल अधिकारियों की माने तो अस्पतालों में आग बुझाने के लिए सामान्य तौर पर पोर्टेबल फायर अग्निशमक यंत्र ही हैं। इसके अलावा आग से बचने के उपायों में हौज रील, मैनुअली इलेक्ट्रिक अलार्म, डिटेक्टर एंड अलार्म, हजारों लीटर क्षमता वाला अंडरग्राउंड टैंक, फायर पंप होना चाहिए और अस्पताल का नक्शा भी पास होना चाहिए। स्थिति यह है कि ज्यादातर अस्पतालों में आग से सुरक्षा के आंशिक उपाय ही हैं। कुछेक अस्पताल ही ऐसे हैं जिनमें सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं।
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सुरक्षा उपकरणों के अभाव में यदि स्कूल या अस्पताल के किसी भवन में आग लगती है तो फिर सुरक्षा भगवान के ही सहारे होगी, क्योंकि दमकल गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में समय लगेगा। इस संबंध में दमकल विभाग की तरफ से स्कूलों और अस्पतालों को नोटिस दिए जा रहे हैं। जहां जो कमियां मिली हैं उन्हें दुरुस्त करना होगा। बाद में इनकी दोबारा जांच की जाएगी। यदि कमियां मिली तो कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है। जिले में 350 से ज्यादा निजी स्कूल और 100 से अधिक अस्पताल हैं।


पहले स्कूल बसों में मिली थी कमियां
निजी स्कूलों का ध्यान बच्चों के अभिभावकों से मोटी फीस वसूलने की तरफ तो है, लेकिन सुरक्षा के इंतजामों पर वे अपने कदम पीछे खींच लेते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे पहले स्कूलों की बसों में भी बहुत कमियां मिली थीं। महेंद्रगढ़ में हुए स्कूल बस हादसे के बाद जिला परिवहन विभाग की तरफ से जिले में स्कूल बसों की करीब 120 बसों की जांच हुईं, जिनमें से 90 अनफिट मिलीं। लोकसभा चुनाव के कारण स्कूल बसों की दोबारा जांच नहीं हो पाई। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी न केवल स्कूल में बल्कि घर से स्कूल तक आते-जाते भी महफूज नहीं हैं।
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पर्याप्त नहीं मिले बचाव के प्रबंध : नरेंद्र सिंह
जिला दमकल अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूलों, अस्पताल व नर्सिंग होम में आग से बचाव के लिए सुरक्षा के मानकों को जांचने के लिए सर्वे किया जा रहा है। ज्यादातर संस्थानों में आग से बचाव के प्रबंध पर्याप्त नहीं मिले। अग्निकांड से बचा जा सके इसके लिए दमकल विभाग द्वारा स्कूलों व अस्पताल संचालकों को आग से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। वहीं मॉक ड्रिल भी कराई जा रही है। जिसमें सारे स्टाफ को डेमो करके बताया जाता है कि यदि स्कूल या अस्पताल में आग लग जाए तो उससे कैसे बचा जा सकता है।
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