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Yamuna Nagar News: पांच में से दो सरकारी कॉलेजों में एक भी पीजी कोर्स नहीं

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कॉलेजों में यूजी (अंडर ग्रेजुएट) के साथ स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएट) में भी दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसमें उच्चतर शिक्षा विभाग के ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल पर 24 जुलाई तक पंजीकरण हो रहे हैं। वहीं जिले के सरकारी कॉलेजों में पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) कोर्स नाममात्र ही हैं। जिससे क्षेत्र के युवा एडेड कॉलेजों का रुख करने पर मजबूर हैं। जबकि सरकारी कॉलेजों की तुलना में एडेड कॉलेजों में पीजी कोर्स की फीस अधिक हैं।
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जानकारी के अनुसार जिले में पांच सरकारी कॉलेज हैं। इन्हें अलग-अलग खंड स्तर पर खोला गया था, जिससे युवा खंड स्तर पर ही स्नातक व स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर सकें। इन कॉलेजों के शुरू होने के वर्षों बाद भी यहां यूजी, पीजी के कोर्स व उनके विषय नाममात्र हैं। हर साल विभाग की ओर से कॉलेज से डिमांड जरूर ली जाती है, पर नए कोर्स शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाती । इसका खामियाजा क्षेत्र के युवा भुगत रहे हैं। इसलिए ज्यादातर युवाओं को यूजी व पीजी कोर्स के लिए दूर के एडेड कॉलेजों में जाना पड़ रहा है। जिले के पांच खंडों में से सरस्वती नगर व प्रताप नगर के सरकारी कॉलेजों में एक भी पीजी कोर्स व डिप्लोमा नहीं हैं। वहीं बिलासपुर (आहड़वाला) व रादौर के सरकारी कॉलेजों में भी एक-एक कोर्स ही हैं। जिसमें राजकीय कॉलेज आहड़वाला में 40 सीटों के साथ मास्टर ऑफ कॉमर्स और राजकीय कॉलेज रादौर में 30 सीटों के साथ मास्टर ऑफ आर्ट्स (अंग्रेजी) है। जबकि छछरौली के सरकारी कॉलेजों में 40 सीटों के साथ मास्टर ऑफ आर्ट्स (हिस्ट्री), 40 सीटों के साथ मास्टर ऑफ कॉमर्स, 40 सीटों के साथ मास्टर ऑफ साइंस (कंप्यूटर साइंस), 40 सीटों के साथ पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन हैं। सरस्वती नगर कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश शर्मा ने कहा कि स्टाफ व भवन की कमी के चलते पीजी व यूजी के नए कोर्स व विषय नहीं मिल पा रहे हैं। जल्द ही भवन मिलने की उम्मीद है, तब स्टाफ बढ़ने पर नए कोर्स व विषय आएंगे। रादौर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि नए कोर्स व विषय की डिमांड भेजी थी, पर इस बार वह नहीं शुरू हो पाए हैं। आशा है कि अगले सत्र में नए कोर्स व विषय मिल जाएंगे।


सरकारी कॉलेजों में पीजी के कोर्स व विषय ना होने या कम होने की बड़ी वजह भवन व स्टाफ की कमी है। जिले के सरस्वती नगर व प्रतापनगर कॉलेज के अपने भवन ना होने से वह सरकारी स्कूलों के भवनों में चल रहे हैं। दोनों में एक भी पीजी कोर्स व डिप्लोमा नहीं है। इन दोनों कॉलेजों के साथ अन्य तीन कॉलेजों में स्टाफ कम है। सरस्वती नगर के जसप्रीत व प्रतापनगर के राजेश ने कहा कि पास में सरकारी कॉलेज होने के बाद भी पीजी कोर्स के लिए कई किमी. दूर शहर के एडेड कॉलेज में जाना पड़ेगा। जहां कोर्स की फीस अधिक होने के साथ आने-जाने को भी अतिरिक्त खर्च आएगा। बिलासपुर के पंकज व छछरौली के राम ने कहा कि उनके खंड में बने सरकारी कॉलेजों में एक-एक ही पीजी कोर्स है। अन्य पीजी कोर्स व उनके विषयों के लिए युवाओं को दूर के एडेड कॉलेजों में जाना पड़ता है। इसलिए दोनों खंड के पीजी कोर्स व उनके विषय बढ़ाए जाने चाहिएं।
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ऑनलाइन पंजीकरण - 11 से 24 जुलाई।
दस्तावेजों की जांच - 13 से 25 जुलाई।
पहली मेरिट सूची जारी- 28 जुलाई।
मेरिट में नाम आने वालों की फीस भुगतान - 29 से 31 जुलाई।
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