यमुनानगर। केएमपीएल के नाम पर हो रही रिकवरी के लिए रोडवेज प्रशासन और यूनियन के बीच चल रही खिंचातानी मंगलवार को खत्म हो गई।
रियाणा रोडवेज वर्कस यूनियन प्रधान कंवलजीत जोशी ने बताया कि रोडवेज प्रशासन की ओर से जो पांच-छह कर्मचारियों को बिल जारी किए गए थे। वे वापस ले लिए गए हैं।
अधिकारियों के साथ बैठक में रिकवरी न करने का आश्वासन दिया गया है। अब जो चक्का जाम करने का फैसला लिया गया था वह भी रद्द कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि गत चार से पांच महीने में केएमपीएल पर रोडवेज की ओर से ड्राइवरों से लगभग सवा तीन लाख रुपये की रिकवरी की थी। इस बार भी कर्मचारी तनाव में थे कि इस बार भी रिकवरी होगी।
कई माह से चल रही थी रिकवरी
रोडवेज अधिकारियों की ओर से केएमपीएल कम आने पर ड्राइवरों से रिकवरी की जा रही थी। इसमें कई कर्मचारियाें से हजारों रुपये की रिकवरी महीने में हुई है।
गत माह कई बार यूनियन और अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी थी, लेकिन इस बार भी रोडवेज प्रशासन की ओर से रिकवरी के लिए नोटिस जारी कर दिए जाते थे। इससे खफा होकर यूनियन ने इस बार रिकवरी होने पर चक्का जाम की चेतावनी दी थी।
जारी हुआ वेतन
रोडवेज प्रशासन की ओर से रिकवरी वेतन से की जाती थी। जिन कर्मचारियों से रिकवरी करनी होती थी, उनका वेतन काटकर दिया जाता था। यूनियन प्रधान कंवलजीत जोशी ने बताया कि ज्यादातर कर्मचारियों का वेतन जारी हो चुका है। किसी के भी वेतन से कटोती नहीं हुई है।
वहीं, रिकवरी मामले में हाथ पीछे खींचने पर जब रोडवेज जीएम सतबीर मान के मोबाइल पर फोन किया गया था, उनकी ओर से फोन नहीं उठाया।