संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के लोगों ने मतदान करके शहर की सरकार चुन ली है। बस शपथ ग्रहण के बाद नवनिर्वाचित मेयर व पार्षदों की ओर से कार्यभार संभालना बाकी है। परंतु शहर की सरकार कहां से चलेगी अभी तक तय नहीं हो पाया है। क्योंकि नगर निगम के एक या दो नहीं बल्कि तीन कार्यालय हैं, परंतु कहीं पर भी पार्षदों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
पहले पार्षद नगर निगम के यमुनानगर कार्यालय में आकर बैठते थे। अब वहां भी परिवार पहचान पत्र समेत अन्य योजनाओं के काउंटर खुल चुके हैं। ऐसे में निगम अधिकारियों में यही मंथन चल रहा है कि पार्षदों के बैठने की व्यवस्था कैसे की जाए। एक साल से भी लंबे वक्त के बाद नगर निगम की मेयर व 22 पार्षद निर्वाचित हुए हैं।
जगाधरी के सात वार्डों से जो पार्षद बनते आए हैं वह नगर निगम के जगाधरी कार्यालय में बैठते थे। इनके लिए बाकायदा नया फर्नीचर व कुर्सियां खरीदा गया था। पिछला कार्यकाल खत्म होते ही अधिकारियों व स्टाफ ने फर्नीचर को अपने इस्तेमाल के लिए लगा लिया। अब वहां पार्षदों के लिए कुछ भी नहीं है।
इसी तरह बाकी के पार्षदों के लिए नगर निगम कार्यालय यमुनानगर के हॉल में व्यवस्था की गई थी। यहां भी फर्नीचर खरीदा गया था। परंतु फर्नीचर गायब है और यहां सौफे रख दिए गए। हॉल में फैमिली आईडी, आय व जाति तसदीक के छह काउंटर बना दिए गए हैं। दूसरा इसी हॉल में रोजाना सुबह 10 से 12 बजे तक समाधान शिविर लगाकर अधिकारी लोगों की शिकायतें सुन रहे हैं।
ऐसे में 15 पार्षदों को बैठने के लिए कहां जगह मिलेगी यह तय नहीं हो पाया है। इतने सालों में नगर निगम आज तक नया भवन नहीं बना पाया है। कार्यालय के लिए जगह देखने में ही अधिकारियों ने सालों निकाल दिए। अभी भी यह फाइनल नहीं हो सकी है। मॉडल टाउन में सनातन धर्म मंदिर के सामने पहले मेयर आवास था।
पूर्व मेयर मदन चौहान इसी में रहते थे। अब यह नगर निगम के एक्सईएन का आवास बन गया है। कई माह से इसमें एक्सईएन ही रह रहे हैं। ऐसे में नवनिर्वाचित मेयर सुमन बहमनी शपथ ग्रहण के बाद एक्सईएन इस आवास को खाली करेंगे या फिर कहीं और अपना ठिकाना देखेंगे, यह भी अभी तय नहीं है।
सभी के लिए व्यवस्था की जाएगी : निगमायुक्त
निगमायुक्त आयुष सिन्हा का कहना है कि शपथ ग्रहण करने के बाद ही मेयर व पार्षद कार्य देखेंगे। तब तक मेयर व पार्षदों के लिए व्यवस्था कर दी जाएगी।