संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहीद भगत सिंह चौक से जगाधरी के महाराजा अग्रसेन चौक तक दोनों ओर छह साल पहले नाले बने का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने कराया था। पीडब्ल्यूडी के आरटीआई में दिए जवाब के मुताबिक निर्माण पर 2.71 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके बावजूद नालों से कई जगह स्लैब गायब है या टूटी है।
यहां पानी निकासी नहीं होने के आरोप में ढाई साल से नालों के निर्माण में भ्रष्टाचार की शिकायतें हो रही हैं। आरटीआई में जवाब मांगे जा रहे हैं। किंतु शिकायतकर्ता और आरटीआई एक्टीविस्ट चिराग सिंघल का आरोप है न उनकी शिकायतों पर जांच हुई, न उनकी लगाई आरटीआई में स्पष्ट जवाब मिले। उन्हें संदेह है कि नालों के पीछे कोई राज छिपाया जा रहा है।
विशाल नगर निवासी चिराग सिंघल ने बताया कि ये नाले छह साल पहले बने और इसके बाद ही सवालों के घेरे में है, क्योंकि इनके डिजाइन और इंजीनियरिंग में कई खामियां हैं। नाले बर्म किनारे के बजाय सड़क किनारे पर बने। वह भी सड़क और फुटपाथ से आधे से एक फीट ऊंचे हैं।
इससे दुकानदारों और दूसरे प्रतिष्ठानों ने नाले के स्लैब तक कब्जा कर लिया। इससे संकरी हुई सड़क पर जाम हो गया। सड़क से पानी नालों में जाए, इसके लिए नाले की साइड वाल में बने होल भी सड़क से ऊंचे हैं या काफी दूरी तक है ही नहीं। नालों की बनने के बाद से सफाई नहीं हुई, जिस पर नगर निगम अफसर कई वर्षों तक नाले पीडब्ल्यूडी से हैंडओवर न होने की बात कहते रहे, उधर पीडब्ल्यूडी ने आरटीआई में जवाब दिया कि नगर निगम के दायरे में आने वाले नालों की सफाई का कार्य नगर निगम की ओर से कराया जाता है।
आरटीआई में पीडब्ल्यूडी ने कहा कि इन नालों से पानी की निकासी के लिए जगह जगह पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के सीवर के साथ जोड़ रखा है। चिराग ने आरोप लगाया कि आरटीआई में यह जवाब सही नहीं है, क्योंकि पब्लिक हेल्थ अफसरों से पता करने पर पाया कि यह नाला सीवर से नहीं जुड़े हैं। नालों की सफाई और निकासी न होने पर इन पर खर्चे 2.71 करोड़ रुपये बेकार साबित होते देखे, तब भ्रष्टाचार के आरोप में सीएम विंडो से लेकर डीसी, सीटीएम व पीडब्ल्यूडी एक्सईएन को शिकायतें की।
चिराग का आरोप है कि इनकी ओर कोई कार्रवाई नहीं की गई और सीएम विंडो के एमिनेंट पर्सन ने भी बिना मौका देखे और उनसे बात करें सीएम विंडो की उनकी शिकायत बंद कर दी। इसलिए दोबारा 28 जुलाई को सीएम विंडो पर शिकायत दी है।
पूर्व भाजपा पार्षद संगीता सिंघल ने भी मांगा ब्योरा
उक्त नाले सहित महाराणा प्रताप चौक से विश्वकर्मा चौक, महाराणा प्रताप चौक से कन्हैया साहिब चौक तक बने नालों का पूर्व भाजपा पार्षद संगीता सिंघल ने पीडब्ल्यूडी से आरटीआई में पूरा ब्यौरा मांग लिया है। इसमें निर्माण संबंधित जितने टेंडर लगे, उनकी संख्या व प्रतियां, वर्क ऑर्डर व अनुमानित लागत की प्रतियां, नालों के निर्माण में हुए कुल खर्च व हर नाले के निर्माण की लंबाई-चौड़ाई, लेआउट प्लान, बिलों को पास करने वाले अधिकारियों के नाम व पद की जानकारी मांगी है।
मामले का संबंधित शाखा के अफसर से बात कर पता करेंगे। इसमें नियमानुसार जो भी कार्रवाई बनेगी, वह अमल में लाई जाएगी।
-आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
शहीद भगत सिंह चौक से जगाधरी के महाराजा अग्रसेन चौक तक दोनों बने नाले पर इस तरह से गायब हैं स्लै
शहीद भगत सिंह चौक से जगाधरी के महाराजा अग्रसेन चौक तक दोनों बने नाले पर इस तरह से गायब हैं स्लै