संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दशहरे के दिन चांदपुर आरओबी के नीचे रेल ट्रैक के पास कचरे में नवजात बच्ची को फेंकने वाले को पुलिस अभी तक नहीं ढूंढ पाई है। हालांकि मामले में जांच के लिए पुलिस की एक टीम बनी, पर टीम के हाथ अभी तक आरोपी तक नहीं पहुंच पाए हैं। आरोपी घटना के दस दिन बाद पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
दो अक्तूबर को दोपहर 12 बजे नवजात बच्ची का शव भेड़-बकरियां चलाने वाले लड़के ने देखा था। इस बारे में लड़के ने पास कैंप के रिहान को बताया। रिहान ने इस बारे में पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची का शव कब्जे में लिया, जो पॉलीथिन में तौलिये में लिपटा था। बाद में पुलिस ने मामले में अज्ञात पर बीएनएस की धारा 91-94 के तहत मामला दर्ज कर लिया था।
बच्ची के शव का पोस्टमॉर्टम के बाद डीएनए सैंपल प्रिजर्व कर लिया गया, ताकि आरोपी के पकड़े जाने पर जांच हो सके। प्रारंभिक जांच में शव करीब 10 से 15 घंटे पुराना बताया गया। हमीदा चौकी पुलिस की टीम ने घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र में लगते अस्पताल का रिकार्ड जांच लिया है, पर कोई ऐसा संदिग्ध केस नहीं मिला।
ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि किसी दूसरे क्षेत्र से नवजात बच्ची को लाकर यहां फेंका गया। पुलिस के सामने बड़ी परेशानी यह आ रही है कि घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। मामले में पुराना हमीदा चौकी प्रभारी शमशेर सिंह ने बताया कि जांच जारी है। इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जााएगी। पूरा प्रयास है कि जल्द आरोपी का पता लगाकर गिरफ्तार किया जाए।