संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पड़ोसी जिले सहारनपुर के लिए यमुनानगर डिपो से रोडवेज बसों की सर्विस न के बराबर है। हालात ये हैं कि यमुनानगर डिपो की सहारनपुर रूट पर दोपहर एक बजे के बाद कोई बस नहीं है। इसके बाद जिले के लोग सहारनपुर व हरियाणा के अन्य जिलों के डिपो की बसों के इंतजार में रहते हैं या ट्रेन व निजी वाहनों के सहारे आ-जा रहे हैं।
ऐसा तब है, जब यमुनानगर से सहारनपुर हजारों विद्यार्थी व नौकरीपेशा वर्ग का आना-जाना हैं, वहीं सैकड़ों दुकानदार व व्यापारी भी दोनों जिलों में माल लेने व भेजने आते-जाते हैं। जो रूट पर डिपो की रोडवेज बसों के समय कम होने के चलते अन्य संसाधनों पर निर्भर हैं। यमुनानगर डिपो पर दो वर्ष पहले तक ऑन रूट बसों की संख्या 120 थी, जो अब बढ़कर 180 हो गई हैं।
बसों के साथ स्टाफ बढ़ने पर रोडवेज अफसरों ने पंजाब के अमृतसर व पटियाला, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, शामली व राजस्थान के खाटू श्याम जैसे कई रूटों पर भी बस सेवा शुरू कर दी है। ऐसे ही हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मनाली, शिमला व उत्तराखंड के देहरादून व हरिद्वार में यमुनानगर डिपो की बसों की सेवा है।
सहारनपुर रूट पर डिपो की बसों के समय मांग मुताबिक नहीं हैं। ड्यूटी रजिस्टर मुताबिक डिपो की रूट पर बसों की सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक सेवा है। इस बीच पांच-सात समय बस हैं। दोपहर बाद सहारनपुर के लिए डिपो की कोई बस नहीं है। इस कारण दोपहर बाद जिले से सहारनपुर जाने वाले लोग ट्रेन व निजी वाहनों के सहारे हैं। इस बारे में जीएम रोडवेज संजय का कहना है कि मांग अनुसार रूट पर बसें हैं। कोई मांग आती है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
दोनों जिलों के लोगों परेशान
बस स्टैंड पर सहारनपुर जाने के लिए पहुंचे अमित, योगेश, हरीश ने बताया कि उनका रोज या सप्ताह में काम के सिलसिले में सहारनपुर से यमुनानगर आना-जाना है। इसके लिए ज्यादातर ट्रेन का सहारा लेते हैं, पर कई बार ट्रेन छूटने पर रोडवेज बसों के जरिए आते-जाते हैं। किंतु यमुनानगर डिपो की बसों के सहारनपुर के लिए समय नाममात्र हैं। केवल पांच-सात समय ही डिपो की बसों के यमुनानगर बस स्टैंड से समय हैं, जिसके बाद कोई बस नहीं है। ऐसे ही सहारनपुर से वापसी में भी डिपो की बसें नाममात्र होने से दोनों जिलों के लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।