संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। शहर के संत निरंकारी सत्संग भवन में सोमवार को पहला जिला स्तरीय निरंकारी महिला संत समागम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संत निरंकारी मंडल दिल्ली से पहुंचीं केंद्रीय प्रचारक बहन अनिता वाधवा ने की। समागम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक प्रवचनों का श्रवण किया।
अपने संबोधन में अनिता वाधवा ने महिलाओं को आध्यात्मिकता अपनाकर परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति यदि आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ जाए तो परिवार में प्रेम, अनुशासन और संस्कारों का वातावरण मजबूत होता है।
उन्होंने सत्संग, सेवा और सिमरन के माध्यम से निराकार ईश्वर के प्रति समर्पण भाव रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सतगुरु माता सुदीक्षा जी की शिक्षाएं प्रेम, नम्रता और मानवता का संदेश देती हैं। इन शिक्षाओं के माध्यम से समाज में भाईचारे और एकता की भावना को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देकर समाज को बेहतर दिशा देने का कार्य करें।
सामाजिक एकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नफरत छोड़कर प्रेम फैलाने की आवश्यकता है। महिलाओं को स्वयं जागरूक होकर समाज में भी जागरूकता स्थापित करनी चाहिए। समागम में भजन, प्रवचन और आध्यात्मिक विचारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मानवता और सेवा का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जिले भर से आई महिलाओं ने भाग लिया।