कोरोना केस लगातार मिल रहे हैं, फिर भी मास्क लगाने के आदेश केवल गाइडलाइन तक ही सीमित रह गए हैं। भीड़ वाली जगहों पर अभी भी लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं। सिविल अस्पताल, सब्जी मंडी, अनाज मंडी व अन्य भीड़ वाले बाजारों में भी लोग बिना मास्क के ही घूम रहे हैं। सिविल अस्पताल में तो मरीज व उनके तिमारदार मास्क बिल्कुल भी नहीं लगा रहे हैं। जबकि ओपीडी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जो मरीज व तिमारदार लाइन में लगते हैं वह एक दूसरे से इतने सटे होते हैं कि बीच में बिल्कुल भी जगह नहीं होती। ऐसे में उनमें कोरोना संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। फिर भी अस्पताल प्रबंधन की तरफ से इस पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। जबकि अब ओपीडी रजिस्ट्रेशन अस्पताल के नए भवन में हो रहा है। इसमें जगह इतनी ज्यादा है कि मरीज एक दूसरे से दूरी बनाकर भी खड़े हो सकते है। जब सारे नियम अस्पताल में ही टूट रहे हों तो बाकी जगहों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
वहीं शनिवार को जिले में कोरोना के नौ नए केस मिले। जबकि 23 लोग कोरोना को हराकर ठीक भी हुए। शनिवार को 149 लोगों के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे गए। जिले में कोरोना के कुल एक्टिव केस केवल 18 रह गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के जिला निगरानी अधिकारी डॉ. वागीश गुटैन ने बताया कि कोरोना के नौ नए केस मिले हैं। कोरोना के केस भले ही कम हो गए हैं लेकिन लापरवाही बिल्कुल भी नहीं बरतनी है। चेहरे पर मास्क लगाकर जरूर रखें।