संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी बस स्टैंड में एक हाई मास्ट लाइट और नौ स्ट्रीट लाइटें कई माह से खराब पड़ी हैं, जिसके चलते शाम ढलते ही बस स्टैंड अंधेरे में डूब जाता है। पर्याप्त रोशनी न होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं असामाजिक तत्वों के हौसले भी बुलंद हो गए हैं।
बस स्टैंड परिसर में लगी हाई मास्ट लाइट के अलावा बस स्टैंड परिसर के चारों तरफ लगी नौ स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब हैं। दिन में तो किसी तरह काम चल जाता है, लेकिन शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। अंधेरे में यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उन्हें असुरक्षा का एहसास होता है। खासकर महिला यात्रियों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है।
दैनिक यात्री बलदेव, विनोद कुमार, सतपाल ने बताया कि शाम को साढ़े पांच बजे के बाद बस स्टैंड पर अंधेरा होने लगता है। दिखावे के लिए बस स्टैंड परिसर में एक हाई मास्ट लाइट व चारों तरफ लाइटें लगा रखी हैं, लेकिन इनमें से चलती एक भी नहीं। अंधेरे का फायदा उठाकर जेबकतरे और अन्य शरारती तत्व सक्रिय हो जाते हैं।
कई बार यात्रियों की जेब कटने और सामान चोरी होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। अंधेरा इतना है कि पास में खड़े किसी व्यक्ति का चेहरा भी ठीक से दिखाई नहीं देता। भीड़ और अंधेरे का फायदा उठाकर जेबकतरे आसानी से वारदात को अंजाम दे रहे हैं और मौके से फरार हो जाते हैं। इस समस्या से कई बार रोडवेज प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। यमुनानगर के बाद जगाधरी दूसरा सबसे बड़ा बस स्टैंड है। इसके बावजूद यहां यह हाल है। बस स्टैंड पर रोजाना सैकड़ों यात्री आवागमन करते हैं। यहां से यमुनानगर, अंबाला, चंडीगढ़, नारायणगढ़, छछरौली, प्रतापनगर सहित आसपास के जिलों और राज्यों के लिए बसें चलती हैं।
जगाधरी बस स्टैंड में अंंधेरे में बसों का इंतजार करते यात्री। संवाद