डेंगू बीमारी ने जिले में शतक पूरा कर लिया है। डेंगू के अब 104 केस हो गए हैं। जिस तरह से बारिश हो रही है उससे माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में डेंगू के मामलों में और भी ज्यादा बढ़ोतरी होगी। वीरवार को जिले में डेंगू के नौ नए केस मिले हैं। चिकनगुनिया भी आमजन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की मुश्किल बढ़ा रहा है। इसके चार नए केस मिले हैं। इसी के साथ ही जिले में चिकनगुनिया के 51 केस हो गए हैं।
डेंगू के नए केस में हरिनगर कॉलोनी में 52 वर्षीय महिला, अलाहर में 30 वर्षीय महिला, पिपली माजरा में 48 वर्षीय महिला, डिंपल सिनेप्लेक्स के नजदीक रहने वाला 10 साल का बच्चा, रामपुरा कॉलोनी में 21 साल की युवती, करतारपुरा कॉलोनी में 13 साल का किशोर, मुसिंबल में 51 साल की महिला, गांव सारन में 29 साल का युवक डेंगू की चपेट में आया है। वहीं बूड़िया में 41 साल का व्यक्ति, बीबीपुर में 40 साल की महिला, परवालों में 64 साल का बुजुर्ग व तलाकौर में चार साल का बच्चा चिकनगुनिया से पीड़ित मिला है।
डेंगू व चिकनगुनिया फैलता जा रहा है। रोजाना ही नए केस मिल रहे हैं। इसके बावजूद नगर निगम व ग्राम पंचायतें गांवों फॉगिंग नहीं करवा रही हैं। केवल डेंगू केस मिलने पर ही पीड़ित के घर व आसपास फॉगिंग करवा दी जाती है। जबकि तत्कालीन डीसी राहुल हुड्डा ने डीडीपीओ व नगर निगम के अधिकारियों को आदेश दिए थे कि डेंगू व मलेरिया फैलने से पहले सभी गांवों व वार्डों में एक बार फॉगिंग जरूर हो जानी चाहिए। फॉगिंग के लिए केस मिलने का इंतजार नहीं करना है। जिले की 439 ग्राम पंचायतों ने अपने गांवों में फॉगिंग कराने के लिए मशीनें खरीदी थी। वहीं नगर निगम के पास फॉगिंग के लिए दो बड़ी व 14 छोटी मशीन हैं। जबकि एक मशीन स्वास्थ्य विभाग के पास अपनी है। चार दिन पहले आम आदमी पार्टी के नेता ललित त्यागी के नेतृत्व में सिविल सर्जन से मिले थे। जिन्होंने आरोप लगाया था कि वार्डों में फॉगिंग नहीं हो रही है। जिस कारण डेंगू फैल रहा है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि हमारे पास फॉगिंग के लिए पर्याप्त दवा उपलब्ध है। इसके अलावा सभी खंडों के बीडीपीओ को भी दवा दे रखी है। जो सरपंच अपने गांव में फॉगिंग कराना चाहते हैं वह अपने बीडीपीओ कार्यालय से दवा ले सकते हैं।