पहाड़ों व मैदानी इलाकों में हो रही बारिश से यमुना के जलस्तर में भी वृद्धि देखने को मिली है। हालांकि पिछले दो दिनों से मैदानी व पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से हथिनी कुंड बैराज पर कोई खास असर देखने को नहीं मिला। जिससे यमुना के साथ लगते दर्जनों गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है फिर भी विभाग की तरफ से यमुना के साथ-साथ लगते सभी गांवों में मुनादी करवा दी गई है ताकि लोग अलर्ट रहें। दिन में अधिकतम पानी दोपहर एक बजे 47 हजार 312 क्यूसेक दर्ज किया गया था जो शाम पांच बजे घटकर 33 हजार 239 रह गया। वहीं अगर जिले के साथ लगती शिवालिक की पहाड़ियों पर लगातार बारिश हुई तो बैराज का जलस्तर बढ़ सकता है।
हथिनी कुंड बैराज कार्यालय के अनुसार शाम 5 बजे हथिनी कुंड बैराज पर कुल पानी 33 हजार 239 क्यूसेक दर्ज किया गया। जबकि दोपहर एक बजे 47 हजार 312 क्यूसेक पानी दर्ज गया था, लेकिन शाम 5 बजे बजे पानी में 14 हजार क्यूसेक की कमी आई है। लेकिन अगर इससे पहले की रिपोर्ट पर नजर डालें तो सुबह 7 बजे 41821, 8 बजे 37576, 9 बजे 39640, 10 बजे 38694, 11 बजे 39417, 12 बजे 36820, दोपहर एक बजे 47312, दो बजे 34402, तीन बजे 34504, दोपहर बाद चार बजे 31 900 और शाम 5 बजे 33 हजार 239 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था। जिसमें पश्चिमी नहर को 19 हजार 510, उत्तर प्रदेश को 810 व यमुना में 12 हजार 919 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
अभी बैराज पर सामान्य जलस्तर है। दिनभर जलस्तर घटता बढ़ता रहा। अगर पहाड़ों पर लगातार बारिश हुई तो बैराज का जलस्तर बढ़ना तय है। लेकिन फिर अभी कोई चिंता का विषय नहीं है।
-शेर सिंह, इंचार्ज हथिनी कुंड बैराज।