संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नियमित व वेतन वृद्धि की मांग को लेकर एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को तीसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी की। इस दौरान सरकार विरोधी मुहिम चलाने का एलान किया गया।
साथ ही धरनास्थल पर शपथ ली कि अगर हरियाणा सरकार उन्हें नियमित नहीं करती तो 18 हजार कर्मचारी, अपने परिजनों, रिश्तेदारों व परिचितों के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ वोट डालेंगे। आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार का कारण एनएचएम कर्मचारी होंगे। वहीं कर्मचारियों ने घोषणा की कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो सोमवार से हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी जाएगी।
हड़ताल का जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर काफी असर पड़ा है। हालांकि रविवार को छुट्टी के कारण कोई खास असर नहीं रहा। एंबुलेंस चलाने वाले ड्राइवर व उनके साथ मरीज की देखरेख करने वाले ईएमटी भी हड़ताल पर हैं। एंबुलेंस चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग हरियाण कौशल रोजगार निगम लिमिटेड के तहत रखे गए ड्राइवरों की मदद ले रहा है।
एनएचएम कर्मचारी साझा मोर्चा हरियाणा के जिला प्रधान अमित गुर्जर ने बताया कि चार दिन की हड़ताल की घोषणा की गई है। रकार ने मांगे नहीं मानी तो हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी ऐसे हैं जो 25 साल से नौकरी कर रहे हैं। सरकार कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा भी नहीं दे पा रही है। इसलिए आज शपथ ली है कि यदि उन्हें नियमित नहीं किया गया तो वह भाजपा को वोट नहीं देंगे।
ये हैं प्रमुख मांगें
एनएचएम कर्मचारियों को नियमित किया जाए। नियमित किये जाने तक एलटीसी, ग्रेचुएटी, अर्जित अवकाश, शिशु देखभाल अवकाश, अनुकंपा सहायता तथा हरियाणा सिविल सर्विस रूल 2016 लागू करते हुए सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए। सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। वर्ष 2017 से 2022 तक एनएचएम कर्मचारियों द्वारा किए गए आंदोलन की अवधि का वेतन ड्यूटी अवधि मानते हुए स्वास्थ्य विभाग के अन्य संगठनों की भांति जारी किया जाए। कैशलेस मेडिकल सुविधा का लाभ प्रदान किया जाए। वेतनमान में विसंगति दूर की जाए।