प्रदेश में जाट आरक्षण के दौरान हुई हिंसा और लूटपाट से गुस्साए विभिन्न समुदायों के करीब एक हजार लोगों ने मुख्य बाजारों व कस्बे में रोष मार्च निकाला। इसके विरोध में दोपहर 12 बजे तक सारे बाजार बंद रहे।
इससे पूर्व सुबह एक संयुक्त बैठक शिव मंदिर अंधेरिया बाग में आयोजित की गई।
इसमें खंड रादौर की के लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। बैठक में आरक्षण की आड़ में हुई लूटपाट व आगजन की घटनाओं की कड़े शब्दों मे निंदा की गई। बैठक उपरांत विभिन्न समुदायों के करीब एक हजार लोगों ने रोष मार्च निकाला। यह शहर के मुख्य बाजारों एवं कस्बों से होते हुए हुए रादौर तहसील पहुंचा। यहां लोगों ने उप-तहसीलदार कृष्ण कुमार ढुल को महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन दिया।
ज्ञापन से पूर्व तहसील में राजपूत बिरादरी के अजय सिंह चौहान, संजू शर्मा धौलरा, भारतीय किसान संघ के विजय मेहता ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मुआवजे का अधिकार उपद्रवियों का नहीं, बल्कि ऐसे बेकसूर लोगों का है जिन्हें जान माल का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत पीड़ितों को 10-10 लाख रुपये की मुआवजा राशि व उनके परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दें। उन्होंने कहा यह मार्च तो एक ट्रेलर है अगर सरकार नहीं चेती तो 35 बिरादरी पूरे हरियाणा में आंदोलन छेड़ देंगी।
कुरुक्षेत्र सांसद पर आरोप निराधार
लोगों ने कहा कि कुछ नेता इस आंदोलन का ठीकरा कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी के सिर फोड़ रहे हैं। जबकि उन्होंने ने तो हमेशा 35 बिरादरी के अधिकारों की बात की है। उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार है। केवल कुछ लोग अपनी राजनीति को चमकाने के लिए उन पर आरोप मढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की 35 बिरादरी के लोग सांसद राजकुमार सैनी के साथ खड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन में कोई बड़ा नेता या मंत्री दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और प्रदेश में एक बार फिर भाईचारा स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए। रोष मार्च के कारण रादौर में सारे बाजार करीब 12 बजे तक बंद रहे। रोष मार्च में जय सिंह चौहान, उमेश पोसवाल, संजू धौलरा, ज्ञान चंद काम्बोज, धनपत सैनी, सतीश शर्मा धौड़ंग, विजय मेहता, हरीश सेतीया, प्रदीप मिड़ा, शालू मेहता, सतीश चौधरी, सुरेन्द्र शर्मा हड़तान, मनोज चौहान, पवन पलाका, लाभसिंह चौहान, सौरभ आर्य, एनके शर्मा, विनोद शर्मा, मंगत बठला, घनश्याम दास मनचंदा, ज्ञानचंद काम्बोज, कुलदीप सैनी, चरणसिंह टोपरा, रामलाल पोटली व सुभाष पूर्णगढ़ सहित सभी दुकानदार भी शामिल हुए।