जलापूर्ति एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और वासो के सौजन्य से स्थानीय योगा भवन में शिविर लगाया गया। इसमें नलकूप आधारित पेयजल योजनाओं के वितरण प्रणाली हेतू पंचायतों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम उपस्थित लोगों को जल संरक्षण व बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं की शपथ दिलाई गई। इस दौरान विभाग की जिला कंसलटेंट रजनी गोयल ने कहा कि जल अमूल्य है, हमें जितनी आवश्यकता है, उतना ही जल इस्तेमाल करना चाहिए और इसे व्यर्थ न बहने दें।
भावी पीढ़ि के लिए जल का संरक्षण करना बहुत जरूरी है। रजनी गोयल ने ट्यूबवेल ऑपरेटर्स को निरर्थक ट्यूबवेल न चलाने के निर्देश दिए और कहा कि निरर्थक ट्यूबवेल चलाने से जोहड़ ओवरफलो हो जाते हैं। साथ ही पानी निकासी का प्रबंध न होने से ग्रामीणों को दिक्कतों से दो-चार होना पड़ता है, इसलिए ट्यूबवेल चलाने और बंद करने का समय लॉकबुक में अवश्य भरें। कभी भी लॉक बुक चैक की जा सकती है, इस बात का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने जल सरंक्षण अवॉर्ड के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में 12 पंचायतों के सरपंच, पंच, आंगनबाड़ी वर्कर, स्कूल अध्यापक, आशा वर्कर, पंप ऑपरेटर व एएनएम ने हिस्सा लिया।
कैमिस्ट प्रदीप भल्ला ने पानी की क्लोरीनेशन की जांच की विधि बताई। इस मौके पर फिल्ड टेस्टिंग किट पानी की जांच के लिए वितरित की गई। इस मौके पर एसडीओ समीर शर्मा, अशोक कुमार, राजबीर, पवन मेहता आदि मौजूद रहे।