जाट आरक्षण आंदोलन खत्म होने पर भी हरियाणा रोडवेज सेवा पूरी तरह से पटरी पर नहीं उतर पाई। सोमवार को अंबाला-करनाल समेत आसपास के छोटे रूटों पर बसें जरूर चलीं, लेकिन रोडवेज की ओर से दिल्ली, पानीपत व सोनीपत जैसे कई रूट पर बसें नहीं चलाई गईं। आंदोलन के चलते लगातार तीसरे दिन भी सर्विस प्रभावित होने से रोडवेज के नुकसान का आंकड़ा करीब 30 लाख तक पहुंच गया। वहीं, यात्रियों की परेशानी भी कम नहीं हो पाई। लांग रूट की बसे न मिलने पर यात्रियों को मजबूरन रेलवे स्टेशन पहुंच ट्रेन पकडनी पड़ी।
बता दें कि यमुनानगर डिपो की करीब 175 बसें हैं, जिनमें करीब 155 ऑन रूट हैं। दो दिन से जाट आरक्षण आंदोलन के चलते लगभग सभी बसें नहीं चल पाईं। जिससे यात्रियों को खासी परेशानी हुई और रोडवेज को भी करीब 24 लाख तक का नुकसान झेलना पड़ा।
इसी तरह लगातार तीसरे दिन भी रोडवेज सर्विस प्रभावित रही और करीब 6 लाख के नुकसान का आंकलन किया गया। रोडवेज की ओर से अंबाला, सहारनपुर, करनाल, कुरुक्षेत्र, पौंटा व नरायणगढ़ व अन्य छोटे रूट की बसें जरूर चलाई गईं, किंतु दिल्ली, पानीपत व सोनीपत की तरफ लांग रूट की बसे नहीं चल पाईं। इसके चलते दिनभर यमुनानगर-जगाधरी बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ जुटी। बसों के इंतजार के बाद अधिकांश ने गंतव्य तक पहुंचने के लिए यमुनानगर-जगाधरी स्टेशन पर पहुंच ट्रेन का सहारा लिया।
दिल्ली की तरफ के सभी 35 रूट रहे बंद, यात्री हुए भटकने को मजबूर
यमुनानगर से दिल्ली की तरफ रोडवेज बसों के करीब 35 रूट हैं, जो सोमवार को बंद रहे। इसी तरह पानीपत व सोनीपत के रूट भी प्रभावित रहे। इस कारण यमुनानगर व जगाधरी रोडवेज पर यात्री परेशान रहे। काफी देर तक बसों का इंतजार करने पर भी लांग रूट की बसे न मिलने पर पू ताछ केंद्र पर काफी यात्री जुटे दिखे। बसों के बंद होने का कारण दिल्ली-पानीपत रूट पर आंदोलन के चलते हुई डिस्ट्रबेंस को बताया गया। यमुनानगर बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रहे मॉडल टाउन के राधेश्याम ने बताया कि उन्हें विवाह समारोह में शामिल होने दिल्ली जाना था, किंतु बस नहीं मिल पाई। अब वह ट्रेन से जाने की सोच रहे हैं। इसी तरह बस स्टैंड पर पानीपत की बस का इंतजार कर रहे ब्रिजेश व रमन ने बताया कि उन्हें इंटरव्यू के लिए जाना था, किंतु बस न मिल पाने से वह वापस घर लौट रहे हैं।
बसें न चलने से ट्रेनों में बढ़ी भीड़
हरियाणा रोडवेज की लांग रूट की बसे न चलने से ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई। इसके चलते भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड से बस न मिलने पर लोग यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और गंतव्य तक पहुंचने के लिए ट्रेनों का सहारा लिया। किंतु अचानक भीड़ बढ़ने पर ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। जगाधरी के राजकुमार, भूपेश सिंह ने कहा कि उन्हें दिल्ली जाना है, बस स्टैंड पर बस न मिलने पर स्टेशन पहुंचे, लेकिन भीड़ इतनी अधिक है कि उनकी एक ट्रेन छूट गई। अब वह दूसरी ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं।