भारत में करीब 10 लाख कैंसर के नए केस हर साल मिलते हैं और करीब 6 से 7 लाख लोग कैंसर से मर जाते हैं। जिले में भी कैंसर रोगियों की संख्या में निरंतर इजाफा हो रहा है। आंकड़ों के अनुसार इस साल में 62 नए रोगी सामने आए हैं और कुल कैंसर रोगियों का आंकड़ा बढ़कर 357 हो गया है।
यह बात सिविल अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया ने गुरुवार को कैंसर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से कैंसर रोगियों को दवाइयां व विभिन्न टेस्टों की सुविधाएं जैसे कीमोथैरेपी, एक्स-रे, कैंसर से संबंधित अतिरिक्त जांच जैसे पैपसमीयर व सुई की जांच निशुल्क दी गई। डॉ. विजय दहिया ने मरीजों व स्टाफ सदस्यों से कहा कि कैंसर का सबसे प्रमुख कारण सिगरेट व तंबाकू का सेवन है। सौ में से 40 कैंसर के रोगी सिगरेट व तंबाकू का सेवन करने वाले पाए गए हैं।
कुछ वर्ष पहले तक कैंसर एक जानलेवा बीमारी समझी जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि धूम्रपान, तंबाकू व अल्कोहल का उपयोग नहीं करना चाहिए। हमें फल, सब्जियां और अधिक रेशे वाले आहार का अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए। कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. रमेश ने कहा कि कैंसर उन असामान्य कोशिकाओं के कारण होता है, जो तेजी से बढ़ती हैं। शरीर के लिए यह सामान्य बात है कि वह पुरानी कोशिकाओं को नई कोशिकाओं से बदले, किंतु कैंसर की कोशिकाएं बहुत अधिक तेजी से बढ़ती हैं। इस मौके पर डा. सरिता गुलाटी (स्त्री रोग विशेषज्ञ), डॉ. वनिला पुरी (दंत चिकित्सक), डॉ. निशा गोरावा (पैथोलोजिस्ट), डॉ. अनिल त्यागी (शिशु विशेषज्ञ), योगाचार्य शिव कुमार व मोहित त्यागी, बोबेश कुमार, मिथलेश, दिप्ती शर्मा, स्टॉफ नर्स ज्योती, हरपाल सिंह व सभी स्टॅाफ मौजूद रहे।
सरकार चला रही एनपीसीडीसीएस नाम से स्पेशल कार्यक्रम:
डॉ. पुनित कालरा ने कहा कि कैंसर रोगियों के लिए सरकार एनपीसीडीसीएस नाम से एक स्पेशल कार्यक्रम चलाती है। मरीजों को कीमोथैरिपी मुफ्त दी जाती है और कैंसर के रोगियों को बस पास भी मुफ्त मुहैया कराए जाते हैं, ताकि वह इलाज के लिए बिना कष्ट आ-जा सके। डॉ. कुलजीत (ऑख, नाक व गला रोग विशेषज्ञ) ने कहा कि अस्पताल में कैंसर के रोगियों के लिए सभी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। स्पेशलिस्ट चिकित्सा अधिकारी सभी मरीजों को मुफ्त देखते हैं तथा उनके सभी लैब टेस्ट, एक्स-रे व सूई की जांच पैप्प समीयर भी मुफ्त किए जाते हैं।