‘जब सैंया भये कोतवाल, तो डर काहे का’ वाली कहावत जठलाना थाने पर सटीक बैठ रही है। यह थाना किराए के भवन में चल रहा है, मगर पिछले एक साल से भवन का किराया पुलिस महकमे ने नहीं दिया है। मकान मालिक किराए के लिए चार बार सीएम विंडो पर शिकायत दे चुका है मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
गांव जठलाना निवासी राजपाल सिंह ने बताया कि उसने 13 नवंबर 2009 को पांच वर्ष के लिये अपनी बिल्डिंग पुलिस विभाग को 12 हजार 200 रुपये प्रति माह पर किराये पर दी थी। इसमें जठलाना थाना चलाया जा रहा है। एग्रीमेंट के अनुसार पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है।
जिसके बाद से पुलिस विभाग ने न तो उसके द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद उसकी बिल्डिंग खाली की और न ही उसका एक वर्ष का किराया चुकाया। एक वर्ष से वह हर महीने पुलिस विभाग के कार्यालय में यमुनानगर चक्कर लगा रहा है। किराया मांगने पर पुलिस विभाग के कर्मचारी उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। एक साल पहले किराया बढ़ाकर 15 हजार 250 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया था। लेकिन पुलिस विभाग द्वारा किराया नहीं चुकाया गया। राजपाल सिंह ने बताया कि उसने चौथी बार सीएम विंडो पर शिकायत दी है। यदि उसे सीएम विंडो से न्याय नहीं मिला तो वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।