गोभी के दामों में भारी गिरावट आने से रादौर क्षेत्र में सब्जी उत्पादक किसान भारी निराश हैं। निराश किसान गोभी की फसल को नष्ट कर दूसरी फसलें लगाने की तैयारी में जुट गए हैं। रादौर क्षेत्र के लगभग 30 से अधिक गांवों में हजारों किसान गोभी की खेती से जुड़े हुए हैं।
जिनको इस वर्ष गोभी की फसल ने भारी निराश किया है। पिछले वर्ष गोभी की फसल से सब्जी उत्पादक किसानों के वारे न्यारे हुए थे। पिछले साल प्रति एकड़ गोभी की फसल से अच्छा मुनाफा कमाने वाले किसान इस वर्ष नुकसान उठा रहे हैं।
गोभी उत्पादक फतेहगढ़ निवासी अमर सिंह, बिटटू, भूषण, रमेश चंद, कर्मबीर, छज्जू व हैप्पी ने बताया कि रादौर क्षेत्र के गांव फतेहगढ़, राझेड़ी, ठसका, रापड़ी, कंडरौली, नाचरौन, मंधार, खुर्दबन, भगवानगढ़, भगवानपुर, रतनगढ़, पोटली, खेड़ी दाबदलान, बापौली, बापा, सढूरा, खेड़की, पूर्णगढ़, घेसपुर, धौलरा व सांगीपुर आदि गांवों में गोभी की वर्षों से खेती की जा रही है। पिछले वर्ष गोभी की फसल से किसान मालामाल हुए थे। इससे उत्साहित किसानों ने इस बार बड़े रकबे में गोभी की खेती की थी। फसल अच्छी रही।
लेकिन मंडी में गोभी मात्र 80 पैसे किलो बिक रही है। जबकि पिछले वर्ष गोभी की फसल 12 से 15 रुपये प्रति किलो तक मंडी में बिकी थी। अबकि बार बेहद कम दामों पर गोभी बिकने से किसानों को उनका फसल पर लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। गोभी की फसल पर प्रति एकड़ लगभग 25 से 30 हजार रुपये खर्च आता है। कम दामों के कारण किसान खर्चा भी नहीं निकाल पा रहे हैं। दुखी मन से किसान गोभी की फसल को नष्ट कर गन्ना, प्याज, मैथी, टमाटर आदि की फसलें लगाने की तैयारी में जुट गए हैं।